भिवानी। श्रमिक संगठन सीटू के बैनर तले प्रदेशभर से जुटे मजदूरों रविवार को कृषि मंत्री जेपी दलाल के आवास के घेराव करने पहुंचे। हालांकि पुलिस ने अवरोधक लगाकर बीच रास्ते में ही श्रमिकों को रोक लिया। बीच रास्ते रोके जाने पर श्रमिकाें ने वहीं सभा कर सरकार के विरोध में नारेबाजी की। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे श्रमिक नेताओं ने मंत्री के प्रतिनिधि को अपना मांग पत्र सौंपा।
सभा को संबोधित करते हुए सीटू के राष्ट्रीय सचिव एआर सिंधू ने कहाकि सरकार लगातार मजदूर हितों की अनदेखी करती आ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार बढ़ाने व न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी करने का फैसला ले। न्यूनतम वेतन 24000 किया जाए। उपाध्यक्ष सतबीर सिंह ने कहा कि आंगनबाड़ी, आशा, मिड डे मील, क्रेच वर्कर्स, ग्रामीण सफाई कर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों, वन मजदूरों, मनरेगा, भट्ठे मजदूरों व निर्माण मजदूरों की मांगों का समाधान नहीं हो रहा है, इस पर सरकार तुरंत कदम उठाए।
राज्य कोषाध्यक्ष विनोद कुमार ने सरकार पर किसान व मजदूर विरोधी होने का आरोप लगाया। सीटू नेताओं ने कहा कि न्यूनतम वेतन 24000 करने, स्कीम वर्कर्स व कच्चे कर्मियों को पक्का किए जाने, मनरेगा में काम 200 दिन काम 700 रुपये मजदूरी हो, भट्ठे पर पथेर का रेट 725 रुपये हो, वन विभाग में मास्टरोल लागू हो, स्वास्थ्य कर्मी की छटनी न हो, सरकारी व सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगे, प्रत्येक जरूरतमंद परिवारों को 10 किलो अनाज प्रति व्यक्ति व 7500 रुपये देने की मांग की। सभा को भिवानी इकाई के प्रधान राममेहर सिंह, झज्जर की प्रधान सरोज दुजाना, रोहतक की प्रधान कमलेश लाहली, दादरी के सह संयोजक सुमेर सिंह, महेंद्रगढ़ संयोजक रोहताश गोठवाल ने भी संबोधित किया। प्रदर्शन को सीटू राज्य कमेटी सदस्य विनोद देशवाल, किरण, कमलेश, संतोष जाखणी, लाल झंडा भट्ठा मजदूर यूनियन प्रधान रोहताश ने संबोधित किया। सर्व कर्मचारी संघ जिला प्रधान सुखदर्शन व छात्र नेता विनोद गिल ने आंदोलन का समर्थन किया।