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Bhiwani News: जो बोले सो निहाल के जयकारों से गूंजी छोटी काशी भिवानी, शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

Tue, 04 Nov 2025 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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​भिवानी में शोभा यात्रा के दौरान अगुवाई करते पंज प्यारे।
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भिवानी। गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व पर सोमवार को शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो ‘जो बोले सो निहाल...सत श्री अकाल’ के जयकारों से गूंज उठी। श्रद्धा और भक्ति से सराबोर इस शोभायात्रा ने छोटी काशी कहे जाने वाले भिवानी शहर को गुरु भक्ति के रंग में रंग दिया।
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शोभायात्रा की शुरुआत घंटाघर स्थित गुरुद्वारा साहिब से हुई जिसमें गुरु ग्रंथ साहिब को फूलों से सजी पालकी में विराजमान कर शहर के मुख्य बाजारों से निकाला गया। पंच प्यारे खालसे के स्वरूप में तलवारें हाथों में लिए पालकी की अगुवाई कर रहे थे। उनके आगे महिलाओं ने झाड़ू लगाकर और जल छिड़ककर मार्ग को पवित्र किया तथा पुष्पवर्षा की। शोभायात्रा कृष्णा कॉलोनी, दिनोद गेट, जोगीवाला मंदिर, पुरानी देवसर चुंगी, हालू बाजार, जैन चौक, बिचला बाजार, सराय चौपटा होते हुए पुनः मुख्य गुरुद्वारा साहिब पर संपन्न हुई।



मानसा से पहुंचे गतका ग्रुप ने दिखाए हैरतअंगेज करतब

पंजाब के मानसा से पहुंचे गुरसिख बच्चों के गतका ग्रुप ने शोभायात्रा में पारंपरिक सिख मार्शल आर्ट के अद्भुत करतब दिखाए। छाती पर बर्फ की सिल्ली तोड़ना, गर्दन पर नारियल रखकर तलवार से काटना जैसे हैरतअंगेज प्रदर्शन देख श्रद्धालु दांतों तले उंगलियां दबाने को मजबूर हो गए। गतका न केवल एक युद्धकला है, बल्कि सिख धर्म की धार्मिक आस्था से भी जुड़ा हुआ है।
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पटियाला से आए मिलिट्री बैंड ने भी बांधा समा

पटियाला से आए मिलिट्री बैंड ने अपने विशेष अंदाज में करतब दिखाकर संगतों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शोभायात्रा के मार्ग में गुरु संगतों ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित कर सेवा का भाव प्रकट किया। गुरुद्वारा परिसर में भी श्रद्धालुओं ने नि:स्वार्थ भाव से सेवा कर आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रकाश पर्व से पूर्व प्रतिदिन प्रभात फेरियों का आयोजन भी किया जा रहा था।



मुख्य ग्रंथी ने दिया सेवा, समानता और सच्चे जीवन का संदेश

गुरुद्वारा सिंह सभा के मुख्य ग्रंथी प्रेम सिंह और प्रधान इंद्रमोहन सिंह ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि नेक कमाई करके जीवन को सफल बनाएं, परमात्मा का नाम जपें और मिलजुल कर बांटकर खाएं। उन्होंने बताया कि गुरु नानक देव ने सच्चा सौदा, लंगर प्रथा और सामाजिक समानता के माध्यम से मानवता को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि गुरु जी ने ऊंच-नीच के भेद को मिटाकर समाज में समरसता का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि पांच नवंबर को गुरुद्वारा सिंह सभा में श्री गुरु नानक देव का प्रकाश पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर अन्य राज्यों से आमंत्रित रागी जत्थे कीर्तन के माध्यम से संगत को गुरु बाणी से जोड़ेंगे। गुरुग्रंथ साहिब के अखंड पाठ के समापन के उपरांत गुरु का लंगर भी वितरित किया जाएगा।
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