भिवानी। रोडवेज कर्मशाला के सामने बनी फैक्टरी से निकलने वाली जहरीली गैसों से रोडवेज कर्मचारियों की सेहत बिगड़ रही है। कर्मचारियों ने उच्चाधिकारियों को भी इस समस्या से अवगत करवाया है। लेकिन फिर भी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। इसके कारण रोडवेज कर्मशाला में कार्य करने वाले कर्मचारियों का दम घूंट रहा है।
दरअसल, रोडवेज कर्मशाला के गेट के ठीक सामने बनी फैक्टरी से निकलने वाले धुएं के पाइपों का मुंह कर्मशाला की तरफ किया हुआ है। इसके कारण मशीनें शुरू होने पर फैक्टरी से निकलने वाली जहरीली गैसें व धुआं कर्मशाला के अंदर तक जाता है। धुएं के कारण कर्मशाला में कार्य करने वाले कर्मचारियों को भारी परेशानी से गुजरना पड़ता है। रोडवेज कर्मशाला में कार्य करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि मानकों के हिसाब से फैक्टरी से निकलने वाले धुएं की निकासी के लिए लगने वाले पाइप का मुंह ऊपर की तरफ होना चाहिए। लेकिन इस फैक्ट्री के पाइप का मुंह कर्मशाला की तरफ होने के कारण धुआं कर्मशाला में आता है। इसके कारण उन्हें कार्य करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को फैक्टरी के धुआं निकासी के पाइपों का मुंह ऊपर की तरफ करवाना चाहिए। इससे उन्हें कार्य करने में परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं औद्योगिक सेक्टर की कई ऐसी इकाइयां हैं, जिनका धुआं तय मानकों के हिसाब से नहीं निकासी हो रहा है।
धुएं की ये चिमनियां और पाइप काफी नीचे हैं, जिससे इन उद्योगों से निकलने वाला जहरीला धुआं आसपास के लोगों व काम करने वाले मजदूरों की सेहत पर भी बुरा असर डाल रहा है। वहीं इस संबंध में जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शक्ति सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि वे इस संबंध में कड़ा संज्ञान लेंगे।