शहर से सटे गांव कालूवास स्थित चिलिंग प्लांट में सोमवार देर रात अमोनिया गैस के रिसाव से इलाके में दहशत फैल गई। गैस की जद में आने से एक परिवार 5-6 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। सभी को आंखों में जलन, जी घबराने व सांस लेने में तकलीफ की शिकायत है। इस परिवार को अपना घर छोड़ दूसरी जगह जाना पड़ा। डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद भी रात साढ़े 12 बजे तक गैस के रिसाब को रोका नहीं जा सका। प्रशासन की ओर से दो पुलिस वाले मौके पर पहुंचे।
महम रोड पर कालूवास गांव स्थित चिलिंग प्लांट में सोमवार रात करीब 11 बजे अचानक अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया। जब कर्मचारियों के प्रयास से गैस नहीं रूकी तो प्लांट छोड़ कर बाहर आ गए। दमकल विभाग को सूचित किया गया। पहले एक गाड़ी मौके पर पहुंची, मामले की गंभीरता को देखते हुए दूसरी गाड़ी भी बुलानी पड़ी। रात एक बजे गैस से प्रभावित परिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों द्वारा उनको उपचार दी जा रही है।
प्लांट के ठीक सामने स्थित घर के 5-6 सदस्यों पर गैस का असर दिखा। परिवार के मुखिया उदय ने बताया कि गैस के असर की वजह से उसकी मां सोना, पत्नी धर्मो, बेटे संदीप व संजय और दो उसके पोते को सांस लेने में दिक्कत और जी घबराने की शिकायत के बाद खेत में शरण लेनी पड़ी। उदय अपने परिवार को अस्पताल ले जाने की तैयारी में जुटा हुआ था। समाचार भेजे जाने तक मुंह ढांप कर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर डटे हुए थे।
डेढ़ घंटे की मेहनत से पाया जा सका काबू
डेढ़ घंटे की मेहनत के बाद भी गैस पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका। चिलिंग प्लांट के संचालक डॉ. विजय ने बताया कि पॉवर ब्रेक के बाद प्लांट से अमोनिया गैस की लीकेज शुरू हुई थी, लेकिन गनीमत की बात यह है कि गैस से किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, दमकल विभाग की दो गाड़ियों लगातार पानी की बौछार कर रही थी, लेकिन डॉ. विजय का दावा था कि गैस पर काबू पा लिया गया है।
अपनी जान जोखिम में डाली
रसायन व खतरनाक गैस से निपटने के लिए दमकम विभाग की तैयारियों की एक बार फिर पोल खुली। बेहद खतरनाक गैसों में से एक अमोनिया गैस का असर जानलेवा हो सकता है, लेकिन दमकल विभाग के कर्मचारियों के पास मास्क तक नहीं है। मुंह पर कपड़ा बांध कर कर्मचारी गैस को काबू में करने में जुटे रहे। कायदे से कर्मचारियों के पास मास्क, आक्सीजन व सूट होना चाहिए, लेकिन कर्मचारियों के पास कुछ भी नहीं था।