भिवानी। जिले की झुग्गी-झोपड़ियों में जन्म लेने वाले बच्चों के पंजीकरण को सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की जन्म-मृत्यु शाखा 18 से 25 जुलाई तक विशेष अभियान चलाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रघुबीर शांडिल्य ने बताया कि इस दौरान विभाग की टीमें स्लम क्षेत्रों में पहुंचकर उन बच्चों की जानकारी एकत्र करेंगी जिनका जन्म पंजीकरण अब तक सरकारी रिकॉर्ड में नहीं हुआ है। इसका उद्देश्य जिले में सटीक लिंगानुपात संबंधी आंकड़े जुटाना और शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करना है।
सीएमओ ने बताया कि स्लम क्षेत्रों में कई बार बच्चे घरों में जन्म लेते हैं जिनकी सूचना स्वास्थ्य विभाग तक नहीं पहुंच पाती। परिणामस्वरूप, जन्म-मृत्यु आंकड़ों की सटीकता प्रभावित होती है और बच्चे जन्म प्रमाणपत्र से वंचित रह जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए अब विभाग विशेष शिविरों के माध्यम से न सिर्फ बच्चों का जन्म पंजीकरण करेगा बल्कि यह भी देखा जाएगा कि बच्चों का समय पर टीकाकरण हुआ है या नहीं। यदि कोई बच्चा टीकाकरण से वंचित पाया जाता है तो उसका टीकाकरण मौके पर ही किया जाएगा।
इस अभियान में विभाग के साथ नगर परिषद कर्मचारी, आंगनबाड़ी वर्कर और आशा वर्कर भी मिलकर कार्य करेंगे। आंगनबाड़ी वर्कर बच्चों के स्वास्थ्य व टीकाकरण की जानकारी जुटाएंगी वहीं आशा वर्कर उनके जन्म की तिथि व जन्म स्थान आदि का ब्योरा दर्ज करेंगी।
यहां लगेंगे विशेष शिविर
18 जुलाई: रुद्रा कॉलोनी
21 जुलाई: शांतिनगर
22 जुलाई: आंबेडकर कॉलोनी
25 जुलाई: मंगेज भवन, विद्यानगर, कीर्तिनगर
स्लम क्षेत्र में बनी झुग्गी-झोपड़ियों में जन्म रजिस्ट्रेशन से छूटे बच्चों का पता लगाकर उनका पंजीकरण किया जाएगा। इसके माध्यम से बच्चों की वास्तविक संख्या, लड़के-लड़कियों का अनुपात और टीकाकरण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। हमारा प्रयास है कि जिले का कोई भी बच्चा पंजीकरण और टीकाकरण से वंचित न रहे। -डॉ. रघुबीर शांडिल्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, भिवानी।