लोहारू (भिवानी)। संसाधनों की कमी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती। संकल्प मजबूत हो और सही मार्गदर्शन मिले तो छोटे से गांव के बच्चे भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं।
क्षेत्र की करीब 50 घरों वाली ढाणी गंगा बिशन के राजकीय प्राथमिक पाठशाला के 20 विद्यार्थियों ने तंबाकू मुक्ति की ऐसी मुहिम छेड़ी की स्कूल को राष्ट्रीय स्तर की पहचान दिला दी। बच्चों की इस उपलब्धि के लिए विद्यालय के शिक्षक लीलाराम वर्मा को शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित समारोह में सम्मानित किया गया।
केंद्र सरकार की ओर से अक्तूबर 2025 में आयोजित ‘तंबाकू मुक्त भारत-तंबाकू मुक्त पीढ़ी’ अभियान के तहत राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इसमें ढाणी गंगा बिशन के विद्यार्थियों ने अपने सामाजिक सरोकार और रचनात्मक गतिविधियों के दम पर देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया।
विद्यालय में महज 20 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं लेकिन उनके सपने और उपलब्धियां किसी बड़े स्कूल से कम नहीं हैं। शिक्षक लीलाराम वर्मा के मार्गदर्शन में बच्चों ने तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने का बीड़ा उठाया। गांव में रैलियां निकालीं, नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए, तंबाकू विरोधी कविताएं लिखीं और पोस्टर बनाकर लोगों तक संदेश पहुंचाया कि स्वस्थ जीवन के लिए नशे से दूरी जरूरी है।
इनकी गतिविधियां महज औपचारिकता तक सीमित नहीं रहीं बल्कि घर-घर जाकर लोगों से संवाद किया और तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित किया। बच्चों की रचनात्मक प्रस्तुतियों का ग्रामीणों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा और कई लोगों ने तंबाकू मुक्ति का संकल्प लिया। अभियान से जुड़े वीडियो और तस्वीरें प्रतियोगिता पोर्टल पर अपलोड की गईं। जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की ज्यूरी ने मूल्यांकन के बाद विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार के लिए चुना।