शिक्षिका के डर से छात्र द्वारा सुसाइड करने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए हैं। जिलास्तर पर सभी बीईओ, स्कूल प्रिंसिपल और प्राइवेट स्कूल प्रिंसिपल को निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे बच्चों को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित न करें।
बता दें कि बौंद के वैश्य स्कूल में 10वीं के छात्र फूलपुरा वासी 18 वर्षीय सुधीर ने 28 जून की अल सुबह घर में ही जहरीला पदार्थ निगल लिया। उपचार के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया था कि स्कूल की एक शिक्षिका ने उसकी पिटाई की और फिर नाम काटने की धमकी दी। इसी से आहत होकर छात्र ने यह कदम उठाया।
शिक्षा विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है। भिवानी जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी बीईओ की बैठक कर इस बारे में सभी प्रिंसिपल को जागरूक करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से सरकारी व प्राइवेट स्कूल संचालकों, प्रिंसिपल को ई-मेल के माध्यम से भी इस बारे में निर्देश दिए जा रहे है कि किसी भी बच्चे को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित न किया जाए।
मुकदमा दर्ज, नहीं हुई गिरफ्तारी
खरक चौकी पुलिस ने मृतक छात्र के परिजनों के बयान पर आरोपी शिक्षिका और स्कूल प्रशासन के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला तो दर्ज किया मगर अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले में खरक चौकी इंचार्ज रणबीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच डीएसपी विजय देशवाल कर रहे है। मामले में अभी किसी तरह की गिरफ्तारी नहीं हुई।