रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर सात लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने मामले की शिकायत गृहमंत्री अनिल विज को दी थी। गृहमंत्री के निर्देश पर जूई कलां पुलिस थाने में आरोपी गांव लेघा निवासी कपिल के खिलाफ धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है। आरोपी ने फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमाया और रुपये वापसी का चेक भी दिया जो बाउंस हो गया।
जूईकलां पुलिस थाने में दी शिकायत में जूई खुर्द निवासी मंजीत ने बताया कि 2022 में आरोपी गांव लेघा निवासी कपिल उसके घर आया था। कपिल ने बताया कि उसकी रेलवे विभाग के उच्चाधिकारियों से जान पहचान है। उसके परिवार के सदस्य को रेलवे में नौकरी लगवा देगा। आरोपी ने नौकरी लगवाने के नाम पर सात लाख रुपये की मांग की। उसने बताया कि इस दौरान आरोपी को अलग-अलग तारीख को रुपये दिए गए। आरोपी ने रुपये लेने के बाद छह मई 2022 को नियुक्ति पत्र भी दिया। इसके बाद बकाया राशि की मांग की। आरोपी को कुल सात लाख रुपये दे दिए। लेकिन रेलवे में नौकरी नहीं लगी और नियुक्ति पत्र भी फर्जी पाया गया।
इसके बाद जब आरोपी से रुपये वापस मांगे तो पहले तो वह टालमटोल करने लगा और बाद में उसने डेढ़ लाख रुपये का चेक नवंबर 2022 को दिया। इसके बाद एक चेक साढ़े तीन लाख रुपये का 14 नवंबर को दिया। मगर बैंक में ये दोनों चेक लगाने के बाद बाउंस हो गए। आरोपी ने नौकरी के नाम पर ठगी की पुलिस को शिकायत दी, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब मामले में गृहमंत्री अनिल विज को शिकायत दी गई। उसके बाद इस मामले में जूईकलां पुलिस थाना में आरोपी गांव लेघा निवासी कपिल के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है।