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नौ पुलिस कर्मचारी संभालेंगे बस स्टैंड चौकी की कमान

Wed, 31 May 2017 01:20 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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बस स्टैंड पर खुलेगी पुलिस चौकी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बस स्टैंड पर पुलिस चौकी खोलने का मसला मंगलवार को पूर्णतया सिरे चढ़ गया। रोडवेज जीएम का जगह देने के लिए सहमति पत्र मिलते ही एसपी सुनील दलाल ने सिटी थाना प्रभारी को यहां तुरंत प्रभाव से चौकी खोलने के आदेश दे दिए। पुलिस प्रशासन ने यहां तैनात होने वाले कर्मचारियों का खाका भी तैयार कर लिया है। बस स्टैंड चौकी शहर की पहली पुलिस चौकी होगी ओर यहां नौ पुलिस कर्मचारी तैनात रहेंगे, जिनमें दो महिला पुलिस कर्मचारी भी शामिल है। विभागीय सूत्रों की मानें तो इस चौकी से जल्द ही आसपास की कॉलोनियां भी जोड़ी जा सकती हैं। इसके बाद इन कॉलोनियों के लोगों को शिकायत दर्ज करवाने सिटी थाना नहीं जाना पड़ेगा। बस स्टैंड परिसर पर आज से ही चौकी शुरू कर दी जाएगी।  
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बस स्टैंड परिसर पर पिछले कुछ माह से लगातार बढ़ रहे वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए यहां पुलिस चौकी स्थापित की गई है। इस संबंध में पुलिस विभाग व रोडवेज विभाग की कागजी कार्रवाई भी पूरी हो गई है। पिछले सप्ताह ही एसपी सुनील दलाल ने रोडवेज जीएम को पत्र लिखकर चौकी खोलने के लिए जगह मुहैया कराने की मांग की थी। बस स्टैंड परिसर पर चौकी खोलने की जरूरत पिछले लंबे समय से बनी हुई थी। इस बार चौकी स्थापित करने के लिए विभागों की ओर से धरातल पर कागजी कार्रवाई की गई है। इस बार एसपी सुनील दलाल ने रोडवेज विभाग से बस स्टैंड परिसर पर दो कमरे व एक शौचालय की जगह चौकी खोलने के लिए देने की मांग की थी। इस पर सकारात्मक रहते हुए जीएम आरएस पूनिया ने दो कमरे व शौचालय पुलिस विभाग को मुहैया करवाने के लिए एसपी को पत्र लिख दिया।

शहर का बस स्टैंड आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की शरणस्थली बनी हुआ है। जेबकतरे आए दिन यात्रियों की जेब काटकर आसानी से फरार हो जाते हैं। पिछले छह माह में ग्राफ और बढ़ा है। हालांकि कुछ वारदातों को अंजाम देने के प्रयास में महिला व पुरुष जेबकतरे पकड़े भी गए हैं लेकिन इसके बाद भी ऐसी वारदातों का ग्राफ और ऊपर गया है। वहीं, कई दफा चालक-परिचालक के साथ हाथापाई की घटनाएं भी बस स्टैंड के आसपास ही हो चुकी हैं।
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तीन यात्रियों की जेबतराशी करते वक्त दो की हुई थी धुनाई                   
गत मार्च माह में बस स्टैंड पर एक ही दिन में जेबकतरा गिरोह ने तीन यात्रियों की जेब तराशी थी। इन्होंने एक महिला सहित दो बुजुर्गों की जेब व बैग से पर्स उड़ा लिए थे। जेबकतरा गिरोह के दो गुर्गों को लोगों ने मौके ही दबोच लिया था। इस दौरान लोगों ने जमकर धुनाई करने के बाद इन दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया था। इससे पहले उन्होंने गांव माजरा निवासी सीमा के बैग से पर्स निकालकर दो हजार की नकदी व एटीएम, जेवली निवासी प्रेम सिंह के कुर्ते की जेब से ढाई हजार की नकदी तथा जींद के लाखन माजरा निवासी बुजुर्ग की जेब से 85 हजार रुपये की नकदी निकाली ली थी। उक्त बुजुर्ग की जेब से नकदी निकालते वक्त ही इनकी करतूत पकड़ में आई थी।  
                 
हीरा चौक पुलिस चौकी में जगह का फंसा है पेच                   
एसपी सुनील दलाल ने हीरा चौक में पुलिस चौकी स्थापित करने का सारा खाका तैयार कर लिया था लेकिन रामलीला कमेटी के चौकी खोलने के लिए जगह देने से इंकार के बाद यह प्लानिंग अभी अधूरी ही पड़ी है। हालांकि एसपी सुनील दलाल ने सकारात्मक रूख अपनाते हुए लोगों से जगह को लेकर विलिंग भी मांगी थी लेकिन विवादास्पद साइट की ही विलिंग उनके पास पहुंची। यहां चौकी खोलने को लेकर जगह का पेच अभी भी फंसा ही हुआ है।   
                
मनचलों पर लगेगी लगाम, वारदातों में कमी आनी तय                   
बस स्टैंड परिसर पर फिलहाल सुरक्षा व्यवस्था राम-भरोसे है। प्रतिदिन बस स्टैंड पर स्कूल-कॉलेजों के लिए ढाई से तीन हजार छात्राएं बसों में सफर कर पहुंचती है। यहां पुलिस सुरक्षा या पीसीआर दिनभर तैनात न रहने से इन छात्राओं को मनचलों की फब्तियां का सामना करना पड़ता है। परेशान छात्राएं कई बार तो मनचलों को थप्पड़ जड़कर सबक सिखा चुकी हैं, लेकिन इसके बाद वो अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। खुद रोडवेज कर्मचारी भी मनचलों की हरकतों से परेेशान है।                   

--बस स्टैंड पर प्रतिदिन हजारों यात्री अपने गंतव्य स्थानों पर सफर करने के लिए पहुंचते है। सुरक्षा के यहां कोई प्रबंध नहीं है। जितना जल्द हो सके रोडवेज विभाग व पुलिस प्रशासन को आपसी तालमेल से यहां चौकी खोलनी चाहिए।  -जुगल                
--सबसे अधिक परेशानियां यहां छात्राओं को उठानी पड़ती है। बस स्टैंड परिसर पर भी छात्राएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं जबकि यहां चौकी स्थापित होने के बाद मनचलों पर लगाम लगेगी और छात्राएं भी खुद को सुरक्षित समझेंगी। -रमन                  
--आए दिन यहां कोई न कोई मारपीट की घटना होती रहती है। कई बार तो दो गुटों के भिड़ने से यहां अफरा-तफरी मच जाती है। जब तक सिटी थाने से पुलिस बस स्टैंड परिसर पर पहुंचती तब तक हमलावर वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। -गिरीश                  
--पुलिस प्रशासन व रोडवेज विभाग के आपसी तालमेल से ही यह मामला सिरे चढ़ सकता है। जिला पुलिस कप्तान की यह अच्छी प्लानिंग है और चौकी खुलने के बाद इसके परिणाम धरातल पर नजर आएंगें। चौकी खुलने से वारदातों में कमी आएगी।        -रामबिलास दुकानदार                 

               
जीएम ने हमें जगह देने की हामीं भर दी है। इसके बाद हमने मौका देखते हुए यहां तैनात स्टाफ होने वाले स्टाफ का भी चयन कर लिया है। एएसआई दिनेश कुमार को चौकी इंचार्ज लगाया गया है। वहीं, यहां एक प्रधान सिपाही, दो महिला सिपाही व चार एसपीओ की तैनाती भी की गई है।
सुनील दलाल, एसपी                   

एसपी ने मौका देखने पुलिस कर्मचारियों को भेजा था। हमने उन्हें जगह दिखा दी थी। बुधवार को उन्होंने चौकी खोलने की बात कही है। पुलिस चौकी खोलने की यहां जरूरत भी थी।
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आरएस पूनिया, जीएम रोडवेज
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