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एसडीएम करेंगे नप फीस में गड़बड़ी की जांच

Wed, 31 May 2017 12:51 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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एसडीएम करेंगे नप फीस में गड़बड़ी के मामले की जांच - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एसडीएम अब उपमंडल नागरिक कार्यालय में डीएल व आरसी बनाने की एवज में ली जाने वानी नप फीस में गड़बड़ी के मामले की  जांच करेंगे। नगर परिषद की चार सदस्यीय कमेटी ने मंगलवार को एसडीएम ओमप्रकाश से मुलाकात कर मामले से अवगत करवाया। इस दौरान एसडीएम ने वर्ष 2016 तक के रिकॉर्ड का मिलान कराने का आश्वासन नप के प्रतिनिधिमंडल को दिया।
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एसडीएम ने बताया कि अब ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट बनवाने  के लिए आवेदन करने वालों से अब नगर परिषद शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। सोमवार को वीडियो कांफ्रेसिंग में उन्हें इस संबंध में आदेश मिल चुके हैं। वहीं, एसडीएम ने पुराने रिकार्ड मिलाने की कार्रवाई भी मंगलवार से ही शुरू कर दी है।       
नगर परिषद अधिकारियों के जहन में एसडीएम कार्यालय में गबन की शंका अभी भी बरकरार है।

इस संबंध में मामले की जांच व रिकॉर्ड के मिलान के लिए नप अधिकारियों ने पिछले सप्ताह ही डीसी विजय कुमार सिदप्पा को पत्र लिखा था।  इससे पहले भी नप अधिकारी सीएम मनोहर लाल खट्टर को लिखे पत्र में एक करोड़ के गबन की आशंका जाहिर कर चुके हैं। इस मामले में नप कार्यकारिणी एक चार सदस्यीय कमेटी भी गठित कर चुकी है। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे नगर परिषद की चार सदस्यीय कमेटी ने पार्षद रविंद्र गुप्ता की अगुवाई में एसडीएम ओमप्रकाश सिंह से मुलाकात कर उन्हें सारे मामले से अवगत करवाया।
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उन्होंने बताया कि वर्ष 2009-10 से लेकर अप्रैल 2017 तक का रिकॉर्ड एसडीएम कार्यालय से मिलाने के लिए नप प्रयासरत्त है, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। दोनों पक्षों के बीच मामला सिरे नहीं चढ़ने से फरवरी माह में यह मामला सीएम दरबार जा पहुंचा था। नप अधिकारियों का कहना है कि आरसी व डीएल बनाते समय एसडीएम कार्यालय में नप के शुल्क के रूप में फीस ली जाती है लेकिन यह नियमित रूप से नप कार्यालय में जमा नहीं करवाई जा रही।

फीस वसूलने के बाद भी वाहन चालक को नप की रसीद बुक की पर्ची भरकर नहीं थमाई जाती। नप अधिकारियों का कहना है कि नियमानुसार यह फीस नप कार्यालय में हर माह जमा करवाने का प्रावधान है। अब अगर प्रतिमाह के आंकड़ों की बात करें तो प्रतिमाह 500 से 600 ड्राइविंग लाइसेंस व 800 से 900 आरसी एसडीएम कार्यालय में बनती है। इसके अलावा दुपहिया वाहनों की आरसी पर सौ रुपये ही नप की फीस वसूली जाती है।   
                                  
अब आवेदक को नहीं देनी पड़ेगी नप फीस
नए वाहन की आरसी या ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। अब उन्हें एसडीएम कार्यालय में इनके लिए नगर परिषद शुल्क जमा नहीं करवाना होगा। इससे पहले डीएल पर सौ रुपये व चौपहिया वाहन की आरसी पर पांच सौ रुपये नप शुल्क के रूप में चार्ज किए जाते थे। एसडीएम ओमप्रकाश सिंह ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि हाल ही में हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में उन्हें इस संबंध में आदेश मिल चुके हैं। एसडीएम ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि अगर अब किसी कर्मचारी ने आवेदक से यह शुल्क लिया तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हमने एसडीएम साह्ब से मुलाकात की थी। उन्होंने जल्द ही रिकॉर्ड मुहैया करवाने का हमें आश्वासन दिया है। एसडीएम ने हमें आश्वासन देते हुए कहा कि वो खुद भी मामले की जांच करेंगे।
पार्षद महेश गुप्ता, चार सदस्यीय नप टीम सदस्य

एसडीएम ने हमें बताया कि अब नप शुल्क आवेदक से नहीं लिया जा रहा है जबकि हमें इस संबंध में सरकार का कोई पत्र ही नहीं मिला है। वहीं, इससे पहले कि राशि में भी गड़बड़ी की आशंका हमें है।
पार्षद रविंद्र गुप्ता, चार सदस्यीय कमेटी सदस्य

मैं खुद इस मामले की जांच करूंगा। मैंने रिकॉर्ड की जांच करने व मिलान के लिए उन्हें देने का आश्वासन दिया है। हाल ही में हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में नप शुल्क न लिए जाने के निर्देश हमें मिल है। अगर अब भी कोई कर्मचारी नप शुल्क लेता पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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ओमप्रकाश सिंह, एसडीएम
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