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बाशिंदे शहर के, सुविधाएं ग्रामीणों जैसी भी नहीं

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32 फोटो सिटी स्टेशन पार सिटी कॉलोनी की कच्ची गली में गंदे पानी व फैले कीचड़ के पास से लाइन बना गुजरत? - फोटो : Bhiwani
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साहब बाशिंदे तो हम शहर के ही हैं, लेकिन हमारी हालत ग्रामीणों से भी बदतर हो चुकी हैं, क्योंकि यहां पर शहरी तो दूर गांव जैसी सुविधा भी नहीं है। हम तो किसी आदिवासी सा जीवन व्यतीत करने पर मजबूर हो गए हैं। यह व्यथा सिटी स्टेशन लाइनपार कॉलोनी के लोगों की है। रविवार को सिटी स्टेशन लाइनपार सिटी कॉलोनी के लोगों ने लोगों ने जिला प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। वहीं गलियों के अंदर जमा गंदे पानी की वजह से रोजाना ही बच्चे, बूढ़े और जवान पगडंडी से होकर कतारों में गुजरते हैं। यही हाल शहर की पीपलीवाली जोहड़ी क्षेत्र का बना हुआ है। जहां पिछले तीन महीनों से सीवरेज ठप पड़ा है। रविवार को पीपलीवाली जोहड़ी क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। कॉलोनी के लोगों ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया कि अगर जल्द ही ठप सीवरेज का समाधान नहीं हुआ तो वे गंदे पानी की निकासी की मांग को लेकर सरकुलर रोड पर बैठकर जाम कर देंगे।
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23 साल से लोग परेशान, नहीं सुन रहा कोई फरियाद
शहर के वार्ड नंबर तीन में सिटी स्टेशन लाइनपार सिटी कॉलोनी को आबाद हुए करीब 25 साल हो चुके हैं। इस कॉलोनी में 600 मकान आते हैं 2200 लोगों की आबादी भी यहां आबाद है। लेकिन कॉलोनी के छह सौ घरों की निकासी के लिए शहर में आने जाने के लिए कोई रास्ता नहीं हैं, रेलवे लाइन पार कर ही शहर में आते हैं। जबकि इस दायरे को अभी तक शहर का हिस्सा ही नहीं माना जा रहा है और ना ही इसे गांव में शामिल किया है। अनाधिकृत कॉलोनी के दायरे मेें आने वाले कई बाहरी कॉलोनियों में जिला प्रशासन ने सुविधाएं बहाल कर दी हैं, मगर अभी तक यहां पर बिजली-पानी और सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ गलियां भी पक्की नहीं दी है।
लोग बोले : शहर के वार्ड नंबर तीन के अंतर्गत आने वाले सिटी कॉलोनी लाइनपार निवासी राकेश कुमार, प्रदीप, सुंदर, कर्मवीर, बृजेश, भोलू, उषा रानी, केला देवी, रोशनी, ओमपति, शिमला, मालती का कहना है कि डीसी से लेकर विधायक तक जनसुविधाओं की मांग के लिए कई बार मिले और मांग पत्र दिए, मगर किसी ने भी उनकी कोई सुध नहीं ली। अभी तक उनकी कॉलोनी को अनाधिकृत से अधिकृत तक नहीं कराया गया है। जबकि इसे आबाद हुए 25 साल से ज्यादा का अरसा हो चुका है। उनका कहना है कि छोटे बच्चे भी गलियों के अंदर मौजूद गंदे पानी के दरिया को पार कर जाते हैं, जबकि कामधंधे पर जाने वाले लोग भी गली में भरे कीचड़ से बचने के लिए पगडंडी के सहारे ही आवागमन पर मजबूर हैं। गलियां भी कच्ची पड़ी है। लोग पीने के पानी और सीवरेज के गंदे पानी की निकासी के अलावा बिजली सुविधाओं से भी महरूम हैं।
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तीन माह से 500 घंरों के गंदे पानी की नहीं हो रही निकासी, फूटा गुस्सा, जताया आक्रोश
हनुमान गेट मुक्तिधाम रोड की पीपलीवाली जोहड़ी क्षेत्र के 500 घरों के गंदे पानी की पिछले तीन माह से निकासी नहीं हो रही है। मुक्ति धाम रोड की मुख्य सड़क व गलियों के अंदर जमा गंदे पानी को लेकर रविवार को महिला पार्षद पति पवन सैनी की अगुवाई में बाशिंदों ने विरोध प्रदर्शन किया। वार्ड नंबर 15 की महिला पार्षद कविता सैनी के पति पवन सैनी, अनीता, रघुवीर, मोतीलाल शर्मा ने बताया कि इस इलाके की अधिकांश सीवरेज लाइन ठप पड़ी है। मुक्तिधाम की मुख्य सीवरेज लाइन भी जगह जगह से स्थायी तौर पर जाम है। इसी तरह गलियों के अंदर से भी गंदे पानी की निकासी नहीं हो रही है। पब्लिक हेल्थ अधिकारियों से लेकर जिला प्रशासन तक गुहार लगाई जा चुकी हैं, मगर समस्या का स्थायी हल नहीं हुआ है। पब्लिक हेल्थ कर्मचारी एक बार सीवरेज मशीन से खाली कर जाते हैं तो घंटे बाद फिर से भर जाते हैं। कॉलोनी के लोगों ने सीवरेज के स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
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