भिवानी। नगर परिषद के विभिन्न घोटालों की जांच सीबीआई को सौंपी हुई है। सीबीआई की टीम ने मंगलवार को भिवानी शहर में दस्तक दी और विभिन्न जगहों पर घूमकर फिजिकल वेरिफिकेशन की। टीम बाकायदा अपने साथ नक्शा लिए हुए थे, जिसमें नगर परिषद के शहर के अंदर कहां-कहां शौचालय बने हुए थे यह भी जांचा। टीम को कई जगह शौचालयों का नामोनिशान तक नहीं मिला। वहां पर अब दुकानें व अन्य निर्माण हो चुका था।
सीबीआई की टीम ने शहर के दादरी गेट, बावड़ीगेट, हालुवास गेट सहित अन्य जगहों का भी निरीक्षण किया। सीबीआई की टीम ने नगर परिषद के जमीन घोटाले से जड़े दस्तावेजों के साथ मौके पर पहुंचकर वर्तमान हालात को भी जांचा। दरअसल, पिछले करीब एक माह से सीबीआई की टीम रोजाना ही नगर परिषद कार्यालय में दस्तक दे रही है। नगर परिषद कार्यालय के रिकॉर्ड को खंगालने के बाद अब सीबीआई की टीम नगर परिषद की सार्वजनिक भूमि की मौके पर पहुंचकर भी जांच कर रही है। जहां कभी शौचालय बने थे और फिलहाल इस भूमि के रिकाॅर्ड के साथ छेड़छाड़ कर इसे दूसरे लोगों को बेच दिया गया।
भिवानी नगर परिषद में उजागर हो चुका है 200 करोड़ से अधिक का घोटाला
नगर परिषद में करीब 200 करोड़ से अधिक का घोटाला 2022 में उजागर हो चुका है। अब इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। सीबीआई 15 अक्तूबर तक अपनी रिपोर्ट भी हाई कोर्ट में देगी। इससे पहले सीबीआई के जांच अधिकारी भिवानी नगर परिषद घोटाले से जुड़े ज्यादा से ज्यादा तथ्य जुटाने में लगे हैं।
दर्ज कर चुकी है सीबीआई बयान
इस मामले में सीबीआई की टीम शिकायतकर्ता के बयान के अलावा नगर परिषद कर्मचारियों और अधिकारियों के बयान भी दर्ज कर चुकी है। हालांकि नगर परिषद कार्यालय में सीबीआई की टीम को ज्यादा कुछ नहीं मिला है। क्योंकि लंबे अर्से से कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से घोटाले से जुड़े तथ्यों और सबूतों को खुर्द बुर्द करने की भी कोशिश हो चुकी है।