सिंघानी गांव में खाद बीज दूकानदार से पूछताछ करती सीबीआई की टीम।
ढिगावामंडी (भिवानी)। मनीषा मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम मंगलवार को तीसरी बार गांव सिंघानी स्थित उस घटनास्थल पर पहुंची जहां से मनीषा का शव बरामद हुआ था। इससे पहले अधिकारियों ने गांव के खाद बीज विक्रेता देवेंद्र से पूछताछ कर यह जानकारी ली कि मनीषा कब, कौन-सा और कितनी मात्रा में कीटनाशक खरीदकर ले गई थी। भिवानी पुलिस पहले ही देवेंद्र के बयान दर्ज कर चुकी है और दुकान के सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले चुकी है। दुकान के रिकॉर्ड में मनीषा के हस्ताक्षर भी दर्ज हैं।
घटनास्थल पर मनीषा का शव सबसे पहले देखने वाले चश्मदीद, गांव सिंघानी निवासी बकरी पालक सतपाल से भी सीबीआई ने विस्तृत पूछताछ की। अधिकारियों ने सतपाल से पूछा कि उसने मनीषा का शव किस हालत में पहली बार देखा गया था।
परिजनों, प्ले स्कूल स्टाफ और कॉलेज प्रबंधन से दो बार हो चुकी पूछताछ
मनीषा मौत मामले में सीबीआई अब तक परिजनों, प्ले स्कूल संचालक, स्टाफ और कॉलेज प्रबंधन से दो बार पूछताछ कर चुकी है। सोमवार को सीबीआई टीम ने मनीषा की मां, दादी और पिता से करीब ढाई घंटे तक सवाल-जवाब किए। इसके बाद मंगलवार सुबह 11 बजे अधिकारी देवेंद्र की दुकान पहुंचे। देवेंद्र ने दुकान का रिकॉर्ड दिखाया और हस्ताक्षर के साथ मनीषा की खरीदारी की पुष्टि की। सीबीआई ने यह भी पूछा कि उस समय मनीषा का व्यवहार और हावभाव कैसे थे। भिवानी एसआईटी की जांच में पहले ही यह खुलासा हो चुका था कि 11 अगस्त को मनीषा ने देवेंद्र की दुकान से एक लीटर कीटनाशक खरीदा था, जिसकी पुष्टि दुकानदार ने अपने बयान में की थी।
हत्या या आत्महत्या की हर कड़ी जोड़ने में जुटी सीबीआई
भिवानी पुलिस ने मनीषा के लापता होने और शव मिलने के बाद हत्या की धारा के तहत मामला दर्ज किया था। जांच सीबीआई को सौंपे जाने पर पांच सितंबर को लापता होने और हत्या की धाराओं में केस दर्ज हुआ। अब सीबीआई मनीषा के लापता होने से लेकर मौत तक की हर कड़ी की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है इसी कारण एफआईआर हत्या की धाराओं के तहत दर्ज की गई। दिल्ली एम्स में हुए तीसरे पोस्टमार्टम की रिपोर्ट अभी तक गोपनीय रखी गई है। इसमें क्या तथ्य सामने आए हैं, परिजन इससे अनभिज्ञ हैं। अब मनीषा मौत मामले का खुलासा करने का दबाव सीबीआई पर बढ़ गया है।
गवाहों और चश्मदीद को भी सीबीआई ने किया हुआ है अलर्ट
सीबीआई की टीम दिल्ली से भिवानी के रेस्ट हाउस में तीन अगस्त को आई थी। जांच की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। टीम अब तक दो बार गवाहों और परिजनों से मिल चुकी है। मनीषा मौत से जुड़े गवाहों और चश्मदीदों को अलर्ट कर दिया गया है कि उन्हें कभी भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है या अधिकारी खुद उनके पास पहुंच सकते हैं। इसके चलते मामले से जुड़े लोग फिलहाल बाहर नहीं जा रहे और अपने ही इलाके में रह रहे हैं।