मनीषा मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम 28 दिन बाद भिवानी वापस लौट आई है। बुधवार को सीबीआई अधिकारियों से फोन पर हुई बातचीत में मनीषा के पिता संजय को बताया गया कि इस बार टीम मामले का खुलासा करने के बाद ही वापस जाएगी। वहीं, मनीषा मौत मामले में न्याय की मांग को लेकर 30 नवंबर को गांव ढाणी लक्ष्मण में सांकेतिक धरना और भूख हड़ताल प्रस्तावित है।
बुधवार को सीबीआई अधिकारियों की गाड़ी भिवानी के रेस्ट हाउस में पहुंची। इसके बाद कुछ घंटे तक अधिकारियों ने फील्ड में भी जांच की। मनीषा मौत मामले में बुधवार को सीबीआई ने रेस्ट हाउस में दो महिलाओं और एक पुरुष से भी पूछताछ की बातें सामने आई हैं। हालांकि मनीषा के पिता संजय ने इस बात से इन्कार किया कि उन्हें सीबीआई ने दिल्ली से लौटने के बाद कोई सूचना नहीं दी है न ही पूछताछ के लिए बुलाया है। जबकि जिन तीन लोगों से पूछताछ की बातें सामने आई हैं, ये कौन हैं, इसकी पुष्टि भी नहीं हो पाई।
दरअसल 27 अक्तूबर को भिवानी के रेस्ट हाउस में ठहरी छह सदस्यीय सीबीआई टीम दिल्ली लौट गई थी। बुधवार सुबह संजय ने बताया कि सीबीआई अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि इस बार टीम मनीषा मौत मामले का खुलासा करने के बाद ही वापस जाएगी। संजय ने बताया कि गांव ढाणी लक्ष्मण में 12 नवंबर को हुई पंचायत में तय हुआ था कि 30 नवंबर को गांव के मुख्य बस स्टैंड पर सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक सांकेतिक धरना और भूख हड़ताल का कार्यक्रम यथावत रहेगा और इसमें किसी तरह का कोई फेरबदल नहीं किया गया है। संजय ने कहा कि साढ़े तीन माह से अधिक समय बीत चुका है और अब तक बेटी मनीषा की मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। पहले स्थानीय पुलिस और अब सीबीआई मामले की जांच कर रही है।
संजय ने बताया कि सीबीआई मनीषा की मौत से जुड़े हर पहलु पर जांच कर चुकी है जबकि कुछ मामलों में रिपोर्ट आने का इंतजार भी अभी बाकी है। बता दें कि ढाणी लक्ष्मण में 11 अगस्त को लापता हुई मनीषा का 13 अगस्त को सिंघानी नहर के पास शव बरामद हुआ था। तीन सितंबर से सीबीआई मनीषा मौत मामले की जांच में जुटी हुई है।