सीबीआई ने हत्या की धाराओं के तहत दर्ज किया केस
भिवानी पुलिस ने शुरुआत में मनीषा मौत मामले में लापता होने और फिर शव मिलने के बाद हत्या की धारा के तहत केस दर्ज किया था। बाद में सीबीआई को मामला सौंपे जाने पर पांच सितंबर को लापता होने और हत्या की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। अब सीबीआई मनीषा के लापता होने से लेकर उसकी मौत में हत्या या आत्महत्या की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। हालांकि सीबीआई अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में ये मामला हत्या का प्रतीत होने का अनुमान भी है, यही वजह है कि मनीषा की मौत की एफआईआर हत्या की धाराओं के तहत ही सीबीआई ने दर्ज की है। अब तक दिल्ली एम्स में तीसरे पोस्टमार्टम की रिपोर्ट को भी गोपनीय ही रखा गया है। इस रिपोर्ट में मनीषा की मौत के संबंध में एक्सपर्ट के क्या तथ्य उजागर किए हैं, इससे भी परिजन अभी तक अनभिज्ञ हैं। हालांकि अब मनीषा मौत का खुलासा करने का दबाव भी सीबीआई पर ही आ गया है।
गवाहों और चश्मदीद को सीबीआई ने किया अलर्ट
सीबीआई की टीम दिल्ली से भिवानी के रेस्ट हाउस में तीन सितंबर को आई थी। उसके बाद से ही सीबीआई की सक्रियता मनीषा मौत की जांच में लगातार बढ़ गई है। अब तक दो बार गवाहों व परिजनों से सीबीआई मिलकर पूछताछ कर चुकी है। जबकी मनीषा की मौत से जुड़े सभी गवाहों और चश्मदीदों को भी सीबीआई ने आगाह कर इस बात के लिए अलर्ट किया हुआ है कि उन्हें कभी भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है या सीबीआई खुद उनके पास आ सकती है। जिसके बाद से ही इस मामले से जुड़े सभी लोगों की गतिविधियां भी आसपास के इलाके में ही बनी हैं, वे बाहर भी नहीं जा रहे हैं।