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Manisha Death Case: सीबीआई ने तेज की जांच, तीसरी बार घटनास्थल पर पहुंची टीम, खाद बीज विक्रेता से की पूछताछ

Tue, 09 Sep 2025 05:10 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी

सार

सीबीआई की टीम मनीषा मौत मामले में जांच तेज कर दी है। मंगलवार को तीसरी बार सीबीआई की टीम ने घटनास्थल का दौरा किया।  वहीं, बीज विक्रता से भी सीबीआई की टीम ने पूछताछ की है। 
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मनीषा मौत मामले में सीबीआई ने तेज की जांच - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मनीषा मौत मामले की तहकीकात में जुटी सीबीआई की टीम मंगलवार को तीसरी बार सिंघानी घटनास्थल पर पहुंची। इससे पहले सीबीआई अधिकारियों ने गांव सिंघानी के खाद बीज विक्रेता के प्रतिष्ठान पर पहुंचकर पूछताछ की। सीबीआई अधिकारियों ने खाद बीज विक्रेता से पूछा कि उसके यहां से मनीषा कब कौन सा कीटनाशक कितनी मात्रा में लेकर गई थी। हालांकि खाद बीज विक्रेता देवेंद्र के भिवानी पुलिस भी बयान दर्ज कर चुकी थी और उसके यहां के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी कब्जे में ली जा चुकी थी। दुकान के रिकॉर्ड में भी मनीषा ने हस्ताक्षर किए जाने की बातें भी दुकानदार ने अपने बयान में बताई थी। इसके अलावा सिंघानी घटनास्थल पर मनीषा का शव पहली बार देखने वाले चश्मदीद सिंघानी निवासी बकरी पालक सतपाल से भी सीबीआई अधिकारियों ने पूछताछ की। 

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सीबीआई की टीम लगातार कर रही पूछताछ

बकरी पालक सतपाल से भी सीबीआई ने कई सवाल किए, जिसमें मनीषा का शव किस हालत में पहली बार देखा गया था। मनीषा मौत मामले में अब तक सीबीआई की टीम परिजनों, प्ले स्कूल संचालक और स्टाफ के अलावा कॉलेज प्रबंधक से दो बार पूछताछ कर चुकी है। सोमवार शाम को भी सीबीआई की टीम ने मनीषा की माता, दादी और पिता से करीब ढाई घंटे तक पूछताछ की थी। इसके बाद मंगलवार सुबह 11 बजे फिर से सीबीआई की टीम सिंघानी में उस खाद बीज की दुकान पर पहुंची जहां से मनीषा ने कीटनाशक खरीदा था।

खाद बीज विक्रेता देवेंद्र ने सीबीआई को अपनी दुकान का रिकॉर्ड भी दिखाया, जिसमें मनीषा के हस्ताक्षर भी किए गए थे। इसके अलावा उसने मनीषा किस समय दुकान पर आई थी और कौन सा कीटनाशक कितनी मात्रा में लेकर गई थी। जिस समय मनीषा कीटनाशक लेकर गई थी उस समय उसके क्या हावभाव दिखाई दे रहे थे। इस संबंध में भी सवाल किए गए। सीबीआई के इन सब सवालों का देवेंद्र ने सामना किया। भिवानी एसआईटी की जांच में मनीषा के गायब होने के दिन यानी 11 अगस्त को ही खाद बीज की दुकान से मनीषा द्वारा एक लीटर कीटनाशक खरीद किए जाने की बात सामने आई थी, जिसकी पुष्टि भी खाद बीज विक्रेता देवेंद्र ने अपने बयान में दर्ज करवाई थी। 

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सीबीआई ने हत्या की धाराओं के तहत दर्ज किया केस 

भिवानी पुलिस ने शुरुआत में मनीषा मौत मामले में लापता होने और फिर शव मिलने के बाद हत्या की धारा के तहत केस दर्ज किया था। बाद में सीबीआई को मामला सौंपे जाने पर पांच सितंबर को लापता होने और हत्या की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। अब सीबीआई मनीषा के लापता होने से लेकर उसकी मौत में हत्या या आत्महत्या की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। हालांकि सीबीआई अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में ये मामला हत्या का प्रतीत होने का अनुमान भी है, यही वजह है कि मनीषा की मौत की एफआईआर हत्या की धाराओं के तहत ही सीबीआई ने दर्ज की है। अब तक दिल्ली एम्स में तीसरे पोस्टमार्टम की रिपोर्ट को भी गोपनीय ही रखा गया है। इस रिपोर्ट में मनीषा की मौत के संबंध में एक्सपर्ट के क्या तथ्य उजागर किए हैं, इससे भी परिजन अभी तक अनभिज्ञ हैं। हालांकि अब मनीषा मौत का खुलासा करने का दबाव भी सीबीआई पर ही आ गया है।

 गवाहों और चश्मदीद को सीबीआई ने किया अलर्ट

सीबीआई की टीम दिल्ली से भिवानी के रेस्ट हाउस में तीन सितंबर को आई थी। उसके बाद से ही सीबीआई की सक्रियता मनीषा मौत की जांच में लगातार बढ़ गई है। अब तक दो बार गवाहों व परिजनों से सीबीआई मिलकर पूछताछ कर चुकी है। जबकी मनीषा की मौत से जुड़े सभी गवाहों और चश्मदीदों को भी सीबीआई ने आगाह कर इस बात के लिए अलर्ट किया हुआ है कि उन्हें कभी भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है या सीबीआई खुद उनके पास आ सकती है। जिसके बाद से ही इस मामले से जुड़े सभी लोगों की गतिविधियां भी आसपास के इलाके में ही बनी हैं, वे बाहर भी नहीं जा रहे हैं।
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