भिवानी। जिलेभर की आंगनबाड़ी और स्कूलों में पढ़ाई करने वाले 1, 46234 बच्चों की स्क्रीनिंग के बाद स्वास्थ्य विभाग को 71 बच्चों में गंभीर बीमारियों के लक्षण मिले। इनमें 38 बच्चों की स्वास्थ्य विभाग ने मुफ्त सर्जरी कराई है। वहीं, 24 बच्चों के दिल में छेद पाए गए। इसमें दो बच्चों को दवाइयों के उपचार से ही ठीक किया जा चुका है। 22 बच्चों के ऑपरेशन भी मुफ्त कराए गए हैं। इतना ही नहीं पांच बच्चों में जन्मजात मोतियाबिंद पाया गया। इनका ऑपरेशन के बाद जीवन में उजाला लाया गया।
जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिलेभर में 10 स्कूल हेल्थ टीम बच्चों की स्क्रीनिंग कराई। दो स्कूल हेल्थ टीमें शहरी दायरे और आठ स्कूल हेल्थ टीमें ग्रामीण दायरे के ईंट भट्ठों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और औद्योगिक इकाइयों में पहुंचकर 18 साल से नीचे की आयु वर्ग के बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर रही हैं।
स्वास्थ्य जांच के दौरान जिन बच्चों के अंदर गंभीर बीमारियों या फिर जन्मजात बीमारियों के लक्षण मिल रहे हैं, उनका चयन कर उन्हें उपचार की श्रेणी में लाया जा रहा है। बच्चों का ये उपचार स्वास्थ्य विभाग गुरुग्राम व बड़े शहरों के सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में कराया जा रहा है, जो कि विभाग के पैनल पर बने हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 2022-23 के दौरान जिले की आंगनबाड़ी केंद्रों और सरकारी स्कूलों में 1, 46 234 बच्चों की स्वास्थ्य जांच कराई गई। यहां पर 71 बच्चों में गंभीर बीमारियों के लक्षण मिलने पर उनका चयन किया गया। इसमें से 38 बच्चों की सर्जरी कराई गई, जिसके इलाज पर स्वास्थ्य विभाग ने 30,71 850 रुपये का बजट खर्च किया। पिछले साल भी आंगनबाड़ी केंद्रों पर 41247 बच्चों की जांच की गई थी। इनमें एक जन्मजात बच्चे को मोतियाबिंद व सात जन्मजात बच्चों को हृदय रोग के मामले सामने आए थे, जिनके इलाज पर स्वास्थ्य विभाग ने सात लाख 68 हजार रुपये खर्च किए थे।
स्वास्थ्य विभाग राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी और स्कूलों में 18 वर्ष की आयु से नीचे के बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर उनके अंदर बीमारियों के लक्षणों की पहचान कर उनका चयन करता है। इन बच्चों का स्वास्थ्य विभाग खुद के खर्च पर सरकार के पैनल पर बड़े निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज कराता है। ऐसे बच्चे फिर से अपनी बीमारी से उबरकर समाज की मुख्य धारा में लौट पाते हैं। सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ये अति महत्वाकांक्षी योजना है, जिससे जिले के हजारों बच्चों को लाभ मिलता है।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य सिविल सर्जन भिवानी।