भिवानी जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली द्वारा दिए गए आदेशों के बाद सिविल लाइन पुलिस ने पुराना बस स्टैंड क्षेत्र स्थित स्पेस हार्ट अस्पताल के निदेशक के खिलाफ केस दर्ज किया है।
एक मरीज के परिजनों ने चिकित्सक व अस्पताल की लापरवाही से दाखिल मरीज की मौत होने का आरोप लगाया है। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग की जांच में जिला मेडिकल नैक्लीजेंसी बोर्ड के समक्ष भी निजी अस्पताल ने न मूल रिकार्ड प्रस्तुत किया और न ही जांच में खुद शामिल हुए। फिलहाल पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है।
भिवानी निवासी पियुष गुप्ता ने सिविल लाइन पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके पिता हनुमान प्रसाद गुप्ता रिटायर्ड बैंक कर्मचारी थी। उनके पिता को अचानक तबियत बिगड़ने पर पुराना बस स्टैंड स्थित स्पेस हार्ट होस्पिटल में दाखिल कराया था। अस्पताल ने यहां चिकित्सक की सुविधा का भरोसा दिलाया था, लेकिन ऑप्रेशन के बाद भी उनके पिता की तबियत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही से उसके पिता की मौत का आरोप लगाया था। मामले की शिकायत नागरिक अस्पताल के जिला मेडिकल नेक्लीजेंसी बोर्ड के समक्ष की थी। चिकित्सक पर स्वास्थ्य विभाग की जांच में भी सहयोग नहीं किए जाने का आरोप लगा। जिसके बाद मामला जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक 31 जनवरी को पहुंचा। परिवाद में भी अस्पताल की तरफ से निदेशक नहीं पहुंचा। जिस पर अगली बैठक में मंत्री ने उपस्थित होने के आदेश दिए थे। इसके बाद मार्च में हुई दूसरी बैठक में भी चिकित्सक नहीं पहुंचा तो पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने निजी अस्पताल के निदेशक के खिलाफ केस दर्ज किए जाने के आदेश दिए थे। जिसके बाद सिविल लाइन पुलिस थाना में स्पेस हार्ट अस्पताल के डॉयरेक्टर मंजीत ढूल के खिलाफ इलाज में लापरवाही का केस दर्ज कर पुलिस ने तहकीकात शुरू कर दी है।