फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गैंगवार : लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के 9 गुर्गों के खिलाफ हत्या का केस

विज्ञापन
हत्याकांड के विरोध में गांव में उमड़े ग्रामीण व मौजूद पुलिस। - फोटो : Bhiwani
विज्ञापन
बहल। राजस्थान के चूरू जिले के गांव जैतपुरा ढाणी मौजी में हुए हत्याकांड को लेकर शनिवार को भी खूब हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने रातभर पुलिस को चारों शव नहीं उठाने दिए और गंभीर आरोप लगाए। पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बैठक में आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई के आश्वासन पर ग्रामीण माने। उसके बाद मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम हुआ। पुलिस ने मृतक प्रदीप के पिता की शिकायत पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सुनील पटौदी समेत 9 गुर्गों व अन्य पर हत्या समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। मृतक प्रदीप अजय जैतपुरा हत्याकांड में मुख्य गवाह था। हत्याकांड में नामजद बदमाशों में चार-पांच भिवानी जिले के बताए जा रहे हैं।
विज्ञापन

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार शाम को चूरू जिले (राजस्थान) के सादुलपुर-हमीरवास थाना क्षेत्र के गांव जैतपुरा ढाणी मौजी में बाइक व जीप में आए बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसमें गांव के ही प्रदीप, निहाल सिंह, ईश्वर सिंह की मौत हो गई थी। उसके बाद एक साथी बदमाश की भी हत्या कर दी थी।
इसको लेकर गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया और बातचीत के लिए आए अधिकारियों को भी खरी-खोटी सुनाई। साथ ही मृतकों के परिवारों को नौकरी देने की मांग की। भाजपा नेता रामसिंह कस्वां एवं ग्रामीणों के साथ पुलिस प्रशासन से हुई वार्ता के बाद ग्रामीण पोस्टमार्टम के लिए रजामंद हो गए। वहीं मामले को लेकर समूचा गांव छावनी बना रहा।
विज्ञापन

9 के खिलाफ केस दर्ज, जांच में जुटी पुलिस
डीएसपी बृजमोहन असवाल ने बताया कि गांव जैतपुरा निवासी मृतक प्रदीप स्वामी के पिता रमेशचंद्र ने शिकायत देते हुए बताया कि पांच फरवरी को दोपहर बाद करीब 3.40 बजे वह अपने भतीजे पुष्पेंद्र के पास गांव ढाणी मौजी में मिलने गया था। जहां उसका बेटा प्रदीप सुल्तान नाई के घर के आगे चबूतरे पर निहाल सिंह, ईश्वर सिंह एवं गांव के अन्य लोगों के साथ बैठा था। तभी अचानक एक जीप व दो बाइक पर बंसी बुरड़क, सुमित उर्फ लोरिया, संदीप ढाका निवासी गण बैरासर बड़ा, भागीरथ नायक, अशोक कुमार निवासी इश्रवाल हरियाणा, राजेश निवासी ढाणी केहर हरियाणा, संदीप निवासी पटौदी हरियाणा, मोटिया निवासी कालाजठेड़ी हरियाणा एवं तीन-चार अन्य जिनका चेहरा देखकर पहचान सकता हूं, सभी हाथों में पिस्तौल लेकर उतरे। आरोपी सुनील, राजेश, अशोक ने उसके पुत्र प्रदीप पर गोलियां चलाईं, जो पास बैठे निहाल सिंह, ईश्वर सिंह, द्वारका प्रसाद गोस्वामी के हाथ पर लगी। प्रदीप ने भागने का प्रयास किया तो सुनील पटौदी ने गोली चलाई। गोली लगने के बाद प्रदीप गिर गया। जिसके बाद आरोपी गिरे प्रदीप के पास गए और उस पर कई गोलियां बरसाईं। गोली लगने से प्रदीप, निहाल सिंह, ईश्वर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
साथी पर चलाई गोली, छीना पिस्टल
शिकायत में बताया कि आरोपी वारदात के बाद हड़बड़ाहट में मौके से भागने लगे तो उनकी बाइक रह गई। बाइक से आए आरोपी शेरा, भागीरथ व अशोक पैदल ही बींजावास गांव के रास्ते भागने लगे। दर्ज मामले में बताया कि आरोपी शेरा उर्फ मोटिया डीआई जीप से भागते हुए चढ़ने का प्रयास करने लगा तो जीप में सवार एक बदमाश ने उसे गोली मार दी। इसके अलावा भाग रहे आरोपी भागीरथ को जीप से टक्कर मारी।
लारेंस बिश्नोई गैंग पर आरोप
दर्ज मामले में बताया गया है कि जेल में बंद संपत नेहरा निवासी कालोड़ी सादुलपुर, लॉरेंस बिश्नोई, मिंटू मोडासिया, अक्षय पहाड़ी, देवेंद्र निवासी नुहन्द आदि ने षड्यंत्र रचकर उक्त घटना को अंजाम दिया है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुख्य गवाह था प्रदीप
शिकायत में बताया कि प्रदीप गांव के ही अजय जैतपुरा हत्याकांड का मुख्य गवाह था और गवाही पलटने के लिए उक्त आरोपी प्रदीप को धमकी देते रहते थे। मुख्य गवाह होने के कारण प्रदीप को पुलिस सुरक्षा मिली हुई थी। जिसे पिछले महीने ही हटवाया गया है। आरोप है कि तत्कालीन एएसपी व थानाधिकारी ने जानबूझकर पुलिस सुरक्षा हटवाई। प्रदीप की सूचना देने में बलकेश झाझड़िया, गुगन कुलहरि का हाथ है।
थानाधिकारी लाइन हाजिर
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस अगर सतर्क होती तो यह घटना नही घटित होती। सांसद कस्वां ने बताया कि बातचीत के बाद थानाधिकारी हमीरवास को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इसके अलावा ग्रामीणों ने समूचे हमीरवास थाने को लाइन हाजिर करने, हरियाणा व झुंझुनू के कांस्टेबलों को हटाने, मामले की एसओजी से जांच करवाने और मृतक परिवारजनों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता देने व सरकारी नौकरी देने आदि मांग की। जिस पर उपस्थित अधिकारियों ने हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। इस मौके पर एडीजे एसओजी अशोक राठौड़, आईजी बीकानेर प्रफुल कुमार, एसपी चूरू नारायण टोगस, एएसपी पवन मीणा और डीएसपी बृजमोहन असवाल आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें