प्रदेश सरकार द्वारा पशुपालन को बढ़ावा देने और पशुपालक किसानों को राहत देने के लिए पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड योजना लागू की गई है। योजना को क्रियान्वित करने के लिए 22 जुलाई को प्रदेश में खंड स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों में विभिन्न बैंकों के बैंक अधिकारी मौजूद रहेंगे, जो पशुपालकों द्वारा भरे गए आवेदनों को लेंगे।
कृषि व पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसानों को हर तरह से साधन संपन्न बनाया जाए ताकि उसका आर्थिक उत्थान हो सके। इसी सोच के तहत प्रदेश में पहली बार पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड (पीकेसीसी) योजना लागू की गई है। योजना के तहत पशुपालक किसानों को उदार शर्तों पर ऋण दिया जाएगा जिससे वह पशुधन व्यवसाय से जुड़कर आर्थिक तौर पर संबल बन सके। इसके लिए बैंक द्वारा किसी भी प्रकार की कोई गिरवी शर्त नहीं रखी गई है। लेकिन, अगर किसान निर्धारित से ज्यादा पशुओं पर ऋण लेगा तो उसे बैंक द्वारा निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा। हर खंड में 22 जुलाई को इस योजना को मूर्तरूप दिया जाएगा, जिसमें खंड के पशु चिकित्सालय में किसानों से पीकेसीसी बनाने के लिए आवेदन लिए जाएंगे। किसानों से लिए गए आवेदन मौके पर ही बैंक अधिकारियों को सौंपे जाएंगे ताकि उनको जल्दी से जल्दी इस योजना का लाभ मिल सके। योजना के लाभार्थियों को अपने आवेदन में दो आईडी, दो फोटो तथा बैंक पासबुक की फोटोकॉपी लानी होगी।
लोहारू खंड में 6,13 व 15 जुलाई को लगेंगे शिविर
कृषि मंत्री ने बताया कि लोहारू विधानसभा क्षेत्र के तीनों खंडों में इन शिविरों को चरणबद्ध तरीके से लगाया जाएगा। इसके लिए 6 जुलाई को बहल में, 13 जुलाई को लोहारू में, तथा 15 जुलाई को सिवानी में किसानों के पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए शिविर का आयोजन किया जाएगा।