रोडवेज की व्यवस्था स्टाफ की कमी के कारण इन दिनों उलझी हुई है। कुछ माह पूर्व 28 कर्मचारियों के ट्रांसफर, अब वर्ष के अंतिम माह आने के कारण कर्मचारियों के सीएल लेने, शादी सीजन और बीमारियों के कारण हालात ये है कि विभिन्न रूटों के अनेक टाइम नियमित रूप से बंद कर दिये गए हैं। रोडवेज महाप्रबंधक ने इस परेशानी से निपटने के लिए सभी निरीक्षकों के साथ बैठक की और व्यवस्था नहीं बनने तक कर्मचारियों को छुट्टियां नहीं देने तक के निर्देश दिए। इतना ही नहीं ट्रांसफर हुए 28 कर्मचारियों को वापस बुलाने के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा है।
रोडवेज की व्यवस्था बेपटरी नजर आ रही है। कारण है कर्मचारियों की कमी। रोडवेज भिवानी डिपो में फिलहाल 176 चालक और 187 परिचालक कार्यरत हैं। यहां 145 बसें है। इनमें तोशाम सब डिपो की बसें भी शामिल है। जिनमें से 20 से 25 बसें इन दिनों वर्कशॉप में खड़ी रहती है। इस कारण सबसे ज्यादा परेशानी यात्रियों को झेलनी पड़ रही है। विभिन्न रूटों पर अनेक टाइम मिस हो रहे हैं।
एडवांस बुकिंग और क्लर्क भी उतरेंगे सड़क पर : पिछले सप्ताह रोडवेज के 27 कर्मचारियों के ट्रांसफर किये गए हैं। इनमें सात एडवांस बुकिंग के कर्मचारियों की ड्यूटी विभिन्न रूटों पर लगाई गई है। इसके अलावा अन्य क्लर्क व ऑफिस कार्य करने वाले कर्मचारियों की ड्यूटी विभिन्न रूटों पर लगाई गई है। अब प्लान है कि एडवांस बुकिंग के दो-दो बूथों की जिम्मेदारी एक-एक कर्मचारी को दी जाए। हालांकि इससे व्यवस्था बिगड़ेगी। क्योंकि अनेक बूथ ऐसे है, जहां एक से डेढ़ लाख तक की एडवांस बुकिंग होती है।
ये टाइम हो रहे मिस : दिल्ली का सुबह 10:53 वाला टाइम पिछले काफी दिनों से मिस हो रहा है। इसके अलावा सुबह 08:04 बजे, दोपहर 02:19 और शाम 06:20 वाले टाइम तो लगभग नियमित रूप से बंद ही हो गए हैं। इसके अलावा अक्सर दोपहर 02:52 का टाइम भी मिस हो रहा है। ये हाल अकेले दिल्ली रूट का है। इसके अलावा लोकल रूट भिवानी-लोहारू, भिवानी-जींद, भिवानी दादरी, भिवानी-हांसी, हिसार, बहल आदि रूटों पर भी रोडवेज व्यवस्था प्रभावित है और यात्रियों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
स्टाफ की कमी के कारण थोड़ी समस्या बनी है। मुख्यालय पत्र भेजा है, जिसमें पहले गुरुग्राम, फरीदाबाद ट्रांसफर हुए कर्मचारियों को वापस किए जाने का प्रस्ताव भेजा है। इसके अलावा अन्य व्यवस्थाएं बनाई जा रही है ताकि बसों के टाइम मिस न हो।
- गुलाब सिंह दूहन, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो भिवानी