05 देवसर चुंगी स्थित मैन डिस्पोजल पर केबल बॉक्स को रिपेयर करते हुए कर्मचारी।
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। शहर के बारिश और सीवरेज पानी के निकासी के लिए देवसर चुंगी पर बने मुख्य डिस्पोजल का केबल बॉक्स देर रात करीब ढाई बजे तेज धमाके के साथ जल गया। बिजली की तारों में आग लग गई। रात को ही कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। मुख्य डिस्पोजल होने के कारण सभी मोटरें बंद हो गई और शहर से बारिश के पानी और सीवर के पानी की निकासी का काम भी ठप हो गया। रविवार सुबह से कर्मचारी नई वायर लगाने के काम में जुटे थे और 15 घंटे बाद भी मैन डिस्पोजल पर बिजली बहाल नहीं हो पाई थी।
हादसा रात करीब ढाई बजे हुआ। शनिवार को दिनभर बूंदाबांदी हुई जो रात को भी चली। बूंदाबांदी के बीच ही देवसर चुंगी के मैन डिस्पोजल पर रात ढाई बजे तेज धमाका हुआ और बिजली केबल बॉक्स में आग लग गई। धमाके की आवाज सुनकर कर्मचारी दौड़े। देर रात को ही पब्लिक हेल्थ कर्मचारियों ने केबल बॉक्स में लगी आग की जानकारी आला अधिकारियों को दी। जिसके बाद सुबह केबल बॉक्स में जली हुई बिजली तारों को ठीक करने का काम शुरू हुआ। डिस्पोजल पर रविवार सुबह दो जनरेटर चलाए गए। जिसके माध्यम से 11 बड़ी मोटरों में से दो ही मोटरें चल पाई, जो कि शहर के पानी निकासी के लिए नाकाफी रही। रविवार दोपहर बाद 15 घंटे बीत जाने के बाद भी केबल बॉक्स में जली हुई तारों को दुरुस्त किए जाने का काम चल रहा था। जेई व तकनीकी कर्मचारी तारों को ठीक करने में जुटे थे, ताकि जल्द से जल्द इसे ठीक किया जा सके। पानी निकासी ठप होने के कारण डिस्पोजल पानी से भरा हुआ है।
आसमान में बादल देख अधिकारियों के छूटे पसीने
देवसर चुंगी स्थित मैन डिस्पोजल जो पुराने शहर के बारिश पानी के साथ-साथ सीवरेज पानी की निकासी का एकमात्र जरिया है। मैन डिस्पोजल से ही शहर भर के सीवरेज और बारिश का पानी लोहारू रोड की भिवानी-घग्घर ड्रेन तक पहुंचता है। शनिवार को दिनभर बूंदाबांदी होती रही। रविवार सुबह से दोपहर तक भी आसमान में बादल छाए रहे। केबल बॉक्स जला होने के कारण शहर में पानी निकासी की कोई अन्य व्यवस्था नहीं है। ऐसे में जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के भी पसीने छूटे रहे।
शनिवार देर रात मैन डिस्पोजल के केबल बॉक्स में तेज धमाके के बाद आग लग गई थी। जिसके बाद केबल बॉक्स को ठीक करने का काम रविवार शाम तक जारी रहा। इस दौरान डीजी सेट चालू रखे गए हैं। बरसाती पानी की निकासी का काम चल रहा है, जैसे ही लाइट तो मैन डिस्पोजल का पूरा सिस्टम काम करने लगेगा।
-महेंद्र सिंह, जेई मैन डिस्पोजल, पब्लिक हेल्थ विभाग।