बवानीखेड़ा क्षेत्र के गांव अलखपुरा में मंगलवार रात करीब साढ़े 11 बजे बहनों के घर झगड़ा सुलझाने आए भाई की पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने ससुराल पक्ष के सात लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है वहीं दूसरी तरफ ससुराल पक्ष से भी कुछ लोग घायल हुए हैं, जिन्होंने बहनों को घर ले जाने के बाद देर रात को दोबारा से भाई के अन्य लोगों के साथ घर पर आकर झगड़ा किए जाने का आरोप लगा है। फिलहाल पुलिस ने युवक के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद दोनों पक्षों की शिकायतों पर क्रॉस केस दर्ज किया है।
गांव खानक निवासी बहन कविता ने बताया कि दो बहनों की सगे भाईयों के साथ करीब आठ साल पहले शादी हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले उनके साथ झगड़ा करते आ रहे हैं। उसका भाई मंगलवार को उन्हें मंगल और राजेश के साथ उन्हें घर ले जाने के लिए उनकी ससुराल आया था। लेकिन ससुराल वालों ने उन पर ईंट पत्थर और लोहे की रॉड के अलावा चाकुओं से हमला कर दिया। जिसमें उसके भाई खानक निवासी 18 वर्षीय प्रदीप की मौत हो गई जबकि हमले में प्रदीप के भाई मंगल और पिंजोखरा निवासी राजेश गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
चिल्लाते रहे लेकिन बचाव में मदद के लिए कोई नहीं आया
उपचाराधीन मंगल ने आरोप लगाया कि मंगलवार रात को दो बहनों को लाने उनकी ससुराल पहुंचे थे। ससुराल वालों ने उन्हें नियोजित तरीके से हमला कर दिया। चाकुओं और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस हमले में 18 वर्षीय प्रदीप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मंगल और राजेश गंभीर रूप से घायल हो गए। मंगल ने बताया कि वे चिल्लाते रहे, लेकिन उनके बचाव व मदद के लिए कोई नहीं आया। डॉयल 112 की टीम मौके पर पहुंची तो उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
बेटे के हत्यारों के खिलाफ कार्रवाई कर न्याय दिलाए
खानक निवासी मृतक के पिता संजय ने बताया कि उसकी चार संतानें हैं। जिसमें दो बेटी और दो बेटे है। उसने करीब आठ साल पहले गांव अलखपुरा में दोनों बेटियों की शादी की थी। शादी के बाद बड़ी बेटी संतोष को तीन बच्चे दो बेटे व एक बेटी है। वहीं छोटी बेटी कविता को दो बेटे हैं। शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल वाले दोनों बेटियों को प्रताड़ित करने लगे। मंगलवार को ससुराल वालों ने दोनों बेटियों के साथ झगड़ा कर मारपीट की थी।
इसी के चलते दोनों बेटियों को घर लाने प्रदीप वहां गया था। बेटी को ससुराल वालों ने चोट मारी थी, इसलिए उसका उपचार कराने अस्पताल में दाखिल कराया था। जबकि प्रदीप अपनी बहन और बच्चों के कपड़े लेने के लिए अलखपुरा में गया था। इसी दौरान उन पर जानलेवा हमला किया गया। जिसमें प्रदीप की जान चली गई और मंगल व राजेश गंभीर रूप से घायल हो गए।