भिवानी। कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में हो रही जूनियर और यूथ एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारतीय खेल प्राधिकरण छात्रावास भिवानी के दो खिलाड़ी प्रिया व सिकंदर को कांस्य पदक मिला है। भिवानी साई छात्रावास के दोनों ही अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजों का सेमीफाइनल में प्रतिद्वंद्वियों से जबरदस्त मुकाबला हुआ।
साई खेल छात्रावास भिवानी की अंतरराष्ट्रीय महिला मुक्केबाज प्रिया ने कोरिया की बॉक्सर को 57 किलोग्राम भारवर्ग में पहले ही राउंड में नॉक आउट करके सेमीफाइनल में प्रवेश किया था, लेकिन कजाकिस्तान की बॉक्सर सरसनेबेक के साथ फाइट में 3-4 से हार का सामना करना पड़ा। कांस्य पदक जीतने के बाद प्रिया अब वर्ल्ड चैंपियनशिप की ट्रायल की तैयारी करेगी।
वहीं भिवानी साई के अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर सिकंदर ने भी 57 किलोग्राम भारवर्ग में जूनियर एशियन बॉक्सिंग में कांस्य पदक पक्का किया, लेकिन सेमीफाइनल में कजाकिस्तान के बख्दूर अलवियार से 1-4 से हार गए। सिकंदर अब वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप की ट्रायल के लिए और अभ्यास कर बेहतर निखार लाने की तैयारी करेगा।
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किसान पिता बेटी को रोजाना खेल मैदान लाकर करा रहे हैं अभ्यास
महिला बॉक्सर प्रिया को नेशनल लेवल में गोल्ड और नेशनल बेस्ट बॉक्सर का अवाॅर्ड मिल चुका है। तीन भाई-बहन में प्रिया सबसे छोटी है, जिसकी उम्र 17 साल है। भाई नीरज भी अच्छे बॉक्सर हैं जो साई में ही बॉक्सिंग करते हैं। प्रिया के पापा महेंद्र किसान हैं और गांव धनाना से हैं। महेंद्र किसानी के साथ-साथ अपने दोनों बच्चों को रोजाना खेल अभ्यास कराने के लिए भी खेल मैदान लाने और वापस ले जाने की ड्यूटी भी नियमित रूप से निभा रहे हैं। वे यहां खेल अभ्यास के दौरान सुबह-शाम दोनों वक्त बच्चों के साथ आते हैं।
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सिकंदर की ये हैं खेल उपलब्धि
सिकंदर तीन भाई-बहन हैं। सिकंदर ने नेशनल जूनियर लेवल पर सिल्वर पदक जीता है और हरियाणा स्टेट चैंपियन भी रह चुका है। जूनियर एशियन बॉक्सिंग में कांस्य पदक विजेता बना है। सिकंदर के पिता गांव बड़ेसरा निवासी बिजेंद्र सिंह गांव में खेतीबाड़ी करते हैं जबकि माता समा कौर गृहिणी हैं।
प्रिया की उपलब्धियां :
-खेलो इंडिया यूथ में कांस्य
-यूथ हरियाणा स्टेट में स्वर्ण
-नेशनल यूथ लेवल में स्वर्ण
-हरियाणा खेलों महाकुंभ में स्वर्ण पदक
-नेशनल लेवल पर बेस्ट बॉक्सर का अवाॅर्ड
-यूथ एशियन बॉक्सिंग में कांस्य पदक