द्रोणाचार्य अवार्डी कोच जगदीश सिंह के साथ बॉक्सर नीतू व साक्षी।
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भिवानी की विश्व विजेता बॉक्सर बेटियां सिस्टम व प्रदेश सरकार से खफा हैं। एक तो इनकी इनाम राशि तीन साल बाद स्वीकृत हुई और अब एक महीने से ज्यादा समय से इनामी राशि के चेक का भुगतान नहीं हो रहा है। इन विश्व विजेता बेटियों के कोच जगदीश ने सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि देर से मिला न्याय व इनाम भी अन्याय के बराबर होता है।
दरअसल, भिवानी की मुक्केबाज नीतू व साक्षी दो-दो बार विश्व विजेता रही हैं। नीतू व साक्षी ने साल 2017 व 2018 में गुवाहाटी व हंगरी में हुई विश्व महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीत कर देश का गौरव बढ़ाया था। नीतू व साक्षी और इनके कोच का कहना है कि विश्व चैंपियन के लिए 20 लाख रुपये का इनाम प्रदेश सरकार द्वारा दिया जाता था, जो उन्हें तीन साल के संघर्ष के बाद आधा यानी 10-10 लाख रुपये मिला। अब एक महीने से भी ज्यादा समय से इनाम राशि के चेक का भुगतान नहीं हो रहा है। दोनों बॉक्सर बेटियों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से जल्द इनाम राशि का भुगतान करवाने की मांग की है।
6 अगस्त को लगाए थे चेक
गुरु द्रोणाचार्य अवॉर्डी कोच जगदीश ने बताया कि 6 अगस्त को इन बेटियों के चेक बैंक में लगाए गए थे। बताया जा रहा है कि चेक ट्रेजरी से वित्त विभाग में चले गए। पूरा सिस्टम ऑनलाइन है, ऐसे में फायदा तो तब होता जब एक-दो दिन में चेक का भुगतान हो जाता। इससे तो ऑफलाइन सिस्टम ही ठीक था।