भिवानी। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से शुक्रवार शाम चार बजे अचानक ही दिन में घुप अंधेरा छा गया और तेज अंधड़ से बिजली के पोल और पड़े टूटे गए। इस वजह से शहर और 250 से ज्यादा गांवों में बिजली गुल होने से ब्लैक आउट जैसे हालात बने। गरज के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि और बारिश हुई।
मंडियों में भी लाखों क्विंटल गेहूं और सरसों खुले में पड़ी है। जिस पर भी अनाज बारिश में भीगने से खराब होने के कगार पर पहुंच गया। आढ़तियों ने तिरपाल के सहारे कट्टों को बचाने की कोशिश भी की, लेकिन तेज अंधड़ से सब प्रबंध धरे के धरे रह गए। दिन में ही आसमान में काली घनघोर घटा छाने से अंधेरा गहरा गया। इसी दौरान बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। इसकी वजह से अधिक परेशानी बनी।
सड़कों किनारे पेड़ टूटने की वजह से भी रास्ते अवरुद्ध हुए वहीं खेतों में भी बिजली पोल टूट गए। निगम अधिकारी तेज अंधड़ से बिजली लाइनों के नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं। जिले के जूई, ढिगावा, लोहारू, बहल, बवानीखेड़ा, कैरू, तोशाम और चांग क्षेत्र में भी किसानों के खेतों मेंं फसलों को काफी नुकसान पहुंचा।
दिन में ही वाहनों की जल उठी हेडलाइट
तेज आंधी आने से पहले आसमान में घनघोर काली घटा छा गई। इसकी वजह से शहर की सड़कों पर दिन के समय में ही वाहनों की हेडलाइट जल उठी। हेडलाइट के सहारे ही वाहन गंतव्य की ओर आगे बढ़ते दिखाई दिए। शहर की सड़कों पर भी बारिश आने से पहले धूल मिट्टी के साथ प्लास्टिक कचरा भी काफी दूर तक फैल गया। हवा में धूल मिट्टी और कचरा घुलने से राहगीरों को सांस लेने में भी दिक्कत बनी।
भिवानी की चारा मंडी में खुले आसमान के नीचे बारिश में भीगी लाखों क्विंटल सरसों
शहर के लोहारू रोड स्थित चारा मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ी किसानों की लाखों क्विंटल सरसों बारिश में भीग गई। चारा मंडी में न तो शेड का कोई प्रबंध किया गया था, न बारिश से बचाव के लिए कोई प्रबंध किए गए। लाखों क्विंटल सरसों खुले में पड़ी थी। जिस पर शुक्रवार शाम को आसमान से आफत बरस पड़ी। बारिश में भीगी सरसों की अब खरीद भी नहीं होगी वहीं उठान में भी देरी होगी। चारा मंडी में काफी दूर तक सरसों की ढेरियां ही नजर आ रही हैं।
जिलेभर में 7,139.80 टन गेहूं हो चुका खरीद
भिवानी जिले की 11 मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद कराई जा रही है। खरीद 15 मार्च से जारी है लेकिन आवक में देरी होने की वजह से 7,139.80 टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। मंडियों से 70 टन गेहूं की ही उठान हो पाई है जबकि अधिकांश खरीद किया गया गेहूं मंडियों में पड़ा है।
खरीद होने से पहले ही मौसम बिगड़ा, मंडी आने वाले किसानों के अरमानों पर फिरा पानी
शुक्रवार को भिवानी की चारा मंडी व अनाज मंडी में किसान फसल लेकर पहुंचे लेकिन खरीद शुरू हो पाती, इससे पहले ही बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर डाला। किसानों ने गेट पास कटाने के बाद मंडी मेें अपनी फसल भी उतार दी थी। अब बारिश में भीगने की वजह से उन्हें तीन से चार दिन तो फसल सुखाने में ही लग जाएगा।