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सामान्य अस्पताल परिसर में खुले में जलाया जा रहा बायोवेस्ट, बीमारी फैलने की आशंका

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9 फोटो जिला सामान्य में खुले में जलाए गए बायोवेस्ट के साथ अन्य कचरा। - फोटो : Bhiwani
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सामान्य अस्पताल में मरीज भले ही अपनी बीमारियों का इलाज कराने के लिए आते हो मगर यहां की व्यवस्थाएं ऐसी है कि यहीं पर बीमारियों का खतरा बना रहता है। भले ही बायोवेस्ट निस्तारण के लिए पूरी गाइड लाइन हो और टेंडर भी जारी कर रखा हो, बावजूद इसके सामान्य अस्पताल परिसर में सामान्य कचरे में ही न केवल बायोवेस्ट फेंका जा रहा है बल्कि जलाया भी जा रहा है। जिससे न केवल पर्यावरण प्रदूषण फैल रहा है बल्कि बीमारियों का भी खतरा बना हुआ है। क्योंकि सांस के साथ यहीं धुआं मरीजों और उनके साथ आए तीमारदारों के शरीर में जा रहा है। प्रधान चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि ऐसा करने वाले के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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सामान्य अस्पताल परिसर में शव गृह के नजदीक ही नगर परिषद की ओर से कचरा डालने के लिए बड़े डस्टबिन रखवाये गए है। समय पर कचरे का उठान नहीं होने के कारण अक्सर ये कचरे से भरे रहते है और इनके आसपास भी काफी कचरा फैला रहता है। अब सामान्य अस्पताल के कर्मचारी यहां बायो वेस्ट भी फेंकने लगे है। कचरे में सीरिंज, नीडल, विभिन्न प्रकार की दवाइयां, इमरजेंसी की खून से सनी रूई, दवाइयां आम देखी जा सकती है। कर्मचारी समय पर कचरे का उठान नहीं होने पर अब इसमें आग भी लगा देते है ताकि यहीं पर कचरे का निपटान हो जाए। मगर इनके जलने से उठने वाले धुएं से यहां सांस लेना मुश्किल हो जाता है। चारों ओर दुर्गंध फैल जाती है। वार्डों तक यह धुआं जाता है जबकि इसके दूसरी ओर स्टाफ क्वार्टर और बिल्कुल साथ में आयुष विभाग की ओपीडी है। ऐसे में यहां मरीजों के साथ-साथ स्टाफ को भी परेशानी होती है। ऐसा पहला मामला नहीं बल्कि अक्सर ये हालात रहते है। जबकि अधिकारियों की दलील है कि बायोवेस्ट का टेंडर दिया हुआ है और ठेका लेने वाली कंपनी के कर्मचारी ही यहां से उठा ले जाते है। बकायदा इसका वेट और कोडिंग सिस्टम रहता है।
उधर, ओपीडी में हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं होने से मरीज परेशान : सोमवार को अक्सर ओपीडी में मरीजों की भीड़ रहती है। सोमवार को भी खासी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचे मगर हड्डी रोग विभाग में कोई चिकित्सक नहीं होने के कारण मरीज परेशान रहे। दरअसल अब दो ही हड्डी रोग विशेषज्ञ है। डॉ. मनीष श्योराण ऑपरेशन थियेटर में रहे और डॉ. राजीव बेेनीवाल दो दिन के अवकाश पर है। ऐसे में यहां कोई चिकित्सक नहीं रहा। इस कारण मरीज चक्कर लगाते रहे और आसपास के कर्मचारियों से पूछते रहे। आखिरकार उन्हें बिना इलाज के ही घर लौटना पड़ा।
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बायोवेस्ट का टेंडर दिया हुआ है। अगर फिर भी कोई कर्मचारी सामान्य कचरे में बायोवेस्ट फेंकता है या जलाता है तो गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दो हड्डी रोग विशेषज्ञ है। एक के छुट्टी होने के कारण थोड़ी समस्या आई है।
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- रवींद्र पूनिया, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, सामान्य अस्पताल
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