30 फोटो दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम कार्यालय।
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अब एक दिसंबर के बाद बिजली निगम में चेक के माध्यम से बिजली बिलों की राशि का भुगतान कोई भी उपभोक्ता नहीं कर सकेगा, क्योंकि बिजली निगम प्रबंधन ने चेक से ही तौबा कर ली है। अधिकारिक तौर पर निगम ने बकाया बिजली बिलों के भुगतान के लिए चेक लेने से साफ इंकार कर दिया है। इतना ही नहीं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम में बकाया बिजली बिलों का भुगतान उपभोक्ता या तो कैश काउंटर पर पहुंचकर भुगतान करेंगे या फिर आनलाइन आरटीजीएस सिस्टम के जरिए बिजली बिल की पेमेंट जमा करवा सकेंगे। अधिकांश तौर पर बिजली उपभोक्ता निगम को बकाया बिजली बिलों के चेक थमा देते थे। जबकि खाते में राशि ही नहीं होती। ऐसे उपभोक्ताओं को चेक वापस करने और राशि जमा कराने की प्रक्रिया अपनाने में काफी समय लग जाता है।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम प्रबंधन द्वारा सभी सर्कल महाप्रबंधकों को आदेश जारी कर एक दिसंबर के बाद चेक के माध्यम से बिजली बिलों का भुगतान नहीं कराने के आदेश जारी कर दिए हैं। इन आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोई भी उपभोक्ता अपने बकाया बिल या फिर किसी भी तरह की राशि का भुगतान निगम को चेक के माध्यम से नहीं करेगा। अगर कोई उपभोक्ता चेक के जरिए राशि जमा कराता है तो उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इसलिए उठाए कदम : अधिकांश तौर पर बिजली उपभोक्ता निगम को बकाया बिजली बिलों के चेक थमा देते थे। जबकि खाते में राशि ही नहीं होती। ऐसे उपभोक्ताओं को चेक वापस करने और राशि जमा कराने की प्रक्रिया अपनाने में काफी समय लग जाता है। इस दौरान उपभोक्ता को भी दो से तीन माह का समय मिल जाता है, जबकि बिजली निगम के ब्याज और बैंक ब्याज में भी अंतर हैं, इस तरह के मामलों में निगम को ही नुकसान होता है। जबकि कैश काउंटर पर नकद भुगतान या फिर आरटीजीएस करने से सीधे निगम के खाते में ही पैसा जाता है। जिससे निगम को राजस्व में भी किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती। कई उपभोक्ताओं के चेक बाउंस होने पर निगम को कानूनी लड़ाई के लिए न्यायालय में जाने के लिए अलग से खर्च उठाना पड़ता है। जिससे निगम का बेवजह का समय और राजस्व प्राप्ति में भी बाधा आती है। इस तरह के पचड़े से बचने के लिए निगम ने अब चेक से ही तौबा कर ली है।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम मुख्यालय की ओर से आदेश प्राप्त हुए हैं। इसमें एक दिसंबर के बाद चेक से बकाया बिजली बिलों की राशि का भुगतान नहीं कराया जाएगा। इस संबंध में सभी सब डिवीजनों के एसडीओ को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उपभोक्ताओं को आरटीजीएस सिस्टम से बकाया बिजली बिलों के भुगतान के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
- राजकुमार जाजोरिया, निगम महाप्रबंधक भिवानी सर्कल