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विश्व एड्स दिवस: घातक हो रहा ह्यूमन इम्यूनो डेफिशिएंसी वायरस

Thu, 01 Dec 2016 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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लोग एड्स को लेकर नहीं हैं जागरूक
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भिवानी में एचआईवी यानी ह्यूमन इम्यूनो डेफिशिंसी वायरस लगातार घातक साबित हो रहा है। हर साल जिले में एक सौ से अधिक इस वायरस का शिकार हो रहे है। शहर की बजाए ग्रामीण इलाकों में इस वायरस का कहर ज्यादा है। जागरूकता अभियान भी खूब चलाए जा रहे है, इसके बावजूद लोग इस वायरस की चपेट में आ रहे है।

आज पूर विश्व ह्यूमन इम्यूनो डेफिशिंसी वायरस की चपेट में है। हरियाणा में करीब 20 लाख इसकी चपेट में है। अगर भिवानी जिले की बात की जाए तो पिछले सात-आठ वर्षों से प्रति वर्ष एक सौ से अधिक मरीज सामने आ रहे है। इस वर्ष भी अब तक 109 मरीज सामने आ चुके है। इन मरीजों में शहर की बजाए गांव के ज्यादा है। चूंकि शुरूआत में इस बीमारी के कोई लक्षण नहीं होते ऐसे में बहुत से लोग जांच ही नहीं करवा रहे।
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स्वास्थ्य विभाग ने नि:शुल्क जांच व दवाइयों के अलावा सभी गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच करने की योजना चलाई ताकि समय पर पता लगने पर बीमारी का इलाज हो सके। एचआईवी संक्रमित महिला के नवजात बच्चों को छह सप्ताह तक नेवेरापिन दवाई दी जाती है।

क्या है एचआईवी
एचआईवी यानी ह्यूमन इम्यूनो डेफिशिंसी वायरस है। जो मनुष्य के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता या बीमारियों से लडने की क्षमता को कम करता है। जिसके शरीर में यह होता है, उसे एचआईवी पॉजिटिव कहा जाता है।
एचआईवी और एड्स में अंतर है। एचआईवी वायस है जबकि एड्स इस विषाणु के कारण होने वाली बीमारियों का समूह है। एचआईवी वायद जब मनुष्य के शीर में प्रवेश करता है तो आठ से 10 वर्ष तक धीरे धीरे रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम करता है। जब रोग प्रतिरोधक क्षमता बिल्कुल नष्ट हो जाती है तो बीमारियां शरीर को घेर लेती है। जिसे एड्स कहते है।
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यूं फैलता है वायरस
* एचआईवी संक्रमित व्यक्ति से असुरक्षित यौन संबंध
* एचआईवी संक्रिमित सीरिंज, सूई के पुन:प्रयोग से
* संक्रमित रक्त या रक्त उत्पात चढ़ाने से
* संक्रमित मां से उसके शिशु को

लक्षण :
* एक माह में शरीर के वजन में 10 प्रतिशत से अधिक की कमी
* एक माह से अधिक समय तक रूक-रूक कर या लगातार बुखार
*  लगातार डायरिया, क्षय रोग होना, सांस लेने में परेशानी
* लगातार खासी व सिर दर्द

किस वर्ष कितने मरीज
वर्ष            मरीज
2011            133
2012            150
2013            106
2014            109
2015            105
2016            109


एचआईव एड्स बीमारी के प्रति लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जागरूकता ही इस बीमारी में बचाव है। 16 आईसीटीसी सेंटर पर जांच की सुविधा है। दवाइयां भी नि:शुल्क है।
डा. सुमन विश्वकर्मा, नोडल ऑफिसर
डिप्टी सिविल सर्जन

 
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