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टीआईटी कॉलेज के हॉस्टल में पंखे से झूलता मिला छात्र का शव

Fri, 16 Sep 2016 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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छात्र - फोटो : अमर उजाला
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भिवानी में टीआईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज के हॉस्टल के कमरे में एक छात्र का शव पंखे से लटकता मिला। बताया जाता है कि कल शाम घोषित हुए रिजल्ट में रिअपीयर आने के बाद छात्र परेशान था। बृहस्पतिवार सुबह उसके साथी क्लास चले गए, लेकिन तबियत खराब की बात कह कर कमरे में ही रुक गया। दोपहर लंच ब्रेक में छात्र कमरे पर पहुंचे, तब इस वाकये का पता लगा। मृतक छात्र के चतुर्थ सेमेस्टर के दो पेपरों में री-अपीयर थी। घटना के बाद कॉलेज में हड़कंप मच गया। परिजनों ने मामले की जांच करने की मांग की। पुलिस ने परिजनों के बयान पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया।
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टीआईटीएस कॉलेज में बीटैक इलेक्ट्रोनिक पांचवें सेमेस्टर के छात्र महेंद्रगढ़ जिले के सतनाली वासी 23 वर्षीय युवक संदीप मलिक का शव उसके कमरे में पंखे से लटकता मिला। बेड शीट से फंदा बंदा बनाया हुआ था। छात्रों ने यह देखा तो हाड़कंप मच गया। सूचना पर कॉलेज प्रबंधन पहुंचा और पुलिस को बुलाया गया। विद्यार्थियों की भी भीड़ लग गई। परिजनों को भी सूचित कर बुलाया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस, अधिवक्ता सत्यजीत पिलानिया, राजनारायण पंघाल व मृतक के परिजनों ने कमरे में जांच भी की मगर कुछ नहीं मिला। साथियों ने बताया कि बुधवार देर सायं चौथे सेमेस्टर का रिजल्ट आया था और संदीप को दो पेपरों में री-अपीयर था। उससे पहले भी उसके विभिन्न सेमेस्टर में री-अपीयर थी। इसी कारण वह तनाव में था। मामले में टीआईटी चौकी से एएीसआई संजय कुमार ने बताया कि छात्र संदीप ने  परिणाम में री-अपीयर आने के कारण सुसाइड किया। मृतक के पिता के बयान पर  इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की गई है।

बहन बोली, ऐसा नहीं कर सकता संदीप, जांच हो
इकलौते बेटे को खोने के कारण परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और किसी को यकीन नहीं था कि संदीप ऐसा कदम उठा लेगा। मृतक की बहनों ने तो इस आपत्ति जताते हुए कहा कि उसका भाई ऐसा नहीं कर सकता। इसकी जांच होनी चाहिए। वहीं बुजुर्ग पिता रिटायर्ड सूबेदार प्यारेलाल के पांव भी बेटे का शव देख डगमगा गए। मां का भी रो-रोकर बुरा हाल था।
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सुबह न नाश्ता किया, न क्लास में गया
मृतक संदीप के दोस्त सोमबीर ने बताया कि परिणाम आने के बाद से ही संदीप परेशान था। सुबह नाश्ता करने नहीं आया। जब क्लास में जाने के लिए कहा कि तो जवाब दिया कि वह थोड़ी देर सोएगा। सोमबीर ने बताया कि क्लास से आने के बाद वे दोपहर में लंच करने गए और वहां भी पता लगा कि संदीप नहीं आया। जब वे संदीप के कमरे 23 नंबर के पास से जा रहे थे तो एक दरवाजा खुला था और एक बंद। दोस्त होने के नाते उन्होंने अंदर देखा तो संदीप का शव पंखे से लटक रहा था।

बड़ी मिन्नतों के बाद पैदा हुआ था बेटा
सतनाली वासी रिटायर्ड सूबेदार प्यारेलाल के तीन बच्चों में संदीप सबसे छोटा था। उससे बड़ी उसकी दो बहनें है, जिनकी शादी हो चुकी है। परिजनों के अनुसार दोनों बेटियों के भी करीब 10 साल बाद संदीप पैदा हुआ था। इसके लिए परिवार ने काफी मिन्नते मांगी और अलग-अलग जगह मंदिरों में गए। इकलौता बेटा होने के कारण वह सबका लाडला था।
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सुबह हुई थी बात, नहीं हुआ परिणाम का कोई जिक्र
परिजनों ने बताया कि संदीप से सुबह बात हुई थी। उस समय तो ऐसी कोई बात सामने नहीं आई कि वह तनाव में हो। परिणाम के बारे में भी कोई बात नहीं की।
 
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