चरखी दादरी शहर में बंदरों को पकड़वाने के लिए नगर परिषद तीसरी बार फिर टेंडर लगाएगी। टेंडर सोमवार को जारी होंगे। अब तक किसी भी पार्टी एवं ठेकेदार द्वारा टेंडरों के लिए आवेदन न किए जाने की वजह से नगर परिषद की बंदर पकड़ने की प्लानिंग सिरे नहीं चढ़ पा रही है। इस समय शहर में बंदरों ने आतंक मचा रखा है।
शहर में इस समय करीब एक हजार बंदर हैं। इन बंदरों ने शहर में आतंक मचा रखा है। बंदरों के भय से लोग अब अपने मकान की छत्त पर शेड व जाल आदि लगवाने लगे हैं ताकि बंदरों से बचाव हो सके। शहर के सभी वार्डों में बंदर झुंड के रूप में घूमते देखे जा सकते हैं। बंदर अचानक घरों में घुस जाते हैं तथा घरेलू सामान आदि को उठा ले जाते हैं। बंदरों को भगाने पर उल्टे ही लोगों पर हमला कर देते हैं। इस प्रकार की घटनाओं में कई बार लोग छत से भी गिर जाते हैं। खासकर महिलाओं व बच्चों को तो मकान की छत पर जाना पूरी तरह से बाधित बना हुआ है। शहर में बंदरों के हमले में लोगों के घायल होने की कई घटनाएं हो चुकी हैं।
परिषद दो बार लगा चुकी टेंडर
नगर परिषद शहर से बंदरों को पकड़वाने के लिए दो बार टेंडर लगवा चुकी हैं लेकिन टेंडर लेने को कोई भी ठेकेदार या एजेंसी तैयार नहीं है। ऐसे में परिषद अधिकारी भी दुविधा में फंसे हैं। नगर परिषद का प्लान है कि इन बंदरों को शहर से पकड़कर यमुनानगर या कुरूक्षेत्र के समीप जंगलों में छोड़ दिया जाए ताकि लोगों की समस्या का स्थायी समाधान हो सके लेकिन परिषद की यह योजना सिरे नहीं चढ़ पा रही है। ऐसी स्थिति में शहरवासी अधिक परेशानी में हैं। शहर के विभिन्न वार्डों के लोग आए दिन बंदरों से परेशान परिषद से बंदर पकड़वाने की मांग करते आ रहे हैं।
नगर परिषद सचिव संजय यादव का कहना है कि तीसरी दफा टेंडर लगाने के लिए हमने सारी प्रक्रिया पूरी कर रखी है। पहले दो दफा टेंडर लगवाए थे, लेकिन किसी ठेकेदार ने आवेदन नहीं किया। सोमवार को तीसरी दफा टेंडर लगवाए जाएंगे।