चरखी दादरी में पान की दुकान से लेकर बैंक्वेट हॉल संचालकों को इस बार नगर परिषद से डेंजरस एंड ऑफेंसिव ट्रेड के तहत लाइसेंस बनवाने पड़ेंगे। नप अधिकारियों ने यह प्रक्रिया शुरू कर दी है। पिछले साल यह लाइसेंस रिन्यू नहीं किए गए थे। इस बार आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से अधिकारियों ने फिर से इसकी प्लानिंग तैयार कर ली है। इसके तहत हर कैटेगरी के दुकानदार व व्यापारी के लिए अलग से फीस निर्धारित की गई है। बाकायदा इससे पहले नप टीमों ने शहर का सर्वे भी कर सभी छोटी-बड़ी दुकानों का ब्यौरा भी जुटाया था। लाइसेंस बनवाना दुकानदारों के लिए अनिवार्य होगा वरना नप अधिकारी छापामारी कर इन शर्तों को पूरा न करने वाले दुकानदारों पर जुर्माना भी ठोकेंगे।
बीते कुछ माह से नगर परिषद अधिकारी आमदनी बढ़ाने के नए-नए प्रयोग कर रहे हैं। पिछली दफा लागू न होने वाली डेंजरस एंड ऑफेंसिव ट्रेड लाइसेंस पर इस नप अधिकारियों ने नजरें जमाई हुई है। दुकानदारों को यह लाइसेंस बनाने का काम नगर परिषद कार्यालय में फिलहाल चल रहा है और करीब 50 से अधिक नए लाइसेंस बन भी चुके हैं। इस दायरे में शहर के अधिकतर दुकानदार आते हैं। इनके अलावा पेट्रोल पंप मालिक, बैंक्वेट हॉल मालिक, मिलें व तेल व्यापारी सहित 50 अलग-अलग व्यवसायों से जुड़े कारोबारी शामिल है। लाइसेंस बनाने के लिए इनसे 120 रुपये से लेकर 1200 रुपये तक सालाना फीस ली जाएगी। 31 मार्च तक कोई दुकानदार लाइसेंस बनवा सकते हैं।
यूं कर सकते हैं लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन
नगर परिषद टैक्स सुप्रीटेंडेंट प्रशांत कुमार ने बताया कि ट्रेड लाइसेंस बनवाने क लिए दुकानदार, व्यापारी व उद्यमी को फार्म भरकर नगर परिषद कार्यालय में जमा करवाना होगा। इस दौरान उसे एक आवेदन पत्र लिखकर अपने कारोबार के बारे में ब्यौरा देना होगा। उन्होंने बताया कि मार्च तक नए या पुराने ट्रेड लाइसेंस रिन्यू किए जाएंगें।
किसे, कितनी भरनी पड़ेगी फीस
व्यवसाय फीस
बैंक्वेंट हॉल 1200
टेंट हाउस 60
वाहन एजेंसी 1200
नर्सिंग होम 1200
कपास भंडारण केंद्र 120
ऑयल मील 1020
ड्राइक्लीनर 120
ऑटो मोबाइल वर्कशॉप 240
किताबों का गोदाम 540
पेट्रोल पंप 1020
फर्नीचर शॉप 240
(नोट इस दायरे में करीब पचास अलग-अलग व्यवसाय शामिल है और यह सालाना फीस है।)
तीन हजार दुकानदार आते है इस दायरे में
नगर परिषद अधिकारियों की मानें तो शहर-शहर में करीब तीन हजार दुकानदारों के ट्रेड लाइसेंस बनाए जाएंगे। करीब ढाई लाख की रिकवरी इससे पहले भी हुई थी और इस बार भी करीब बीस लाख रुपये तक नप के खजाने में जमा होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि हर एक दुकानदारों का ब्यौरा हमारे पास आ चुका है। 31 मार्च तक अगर कोई दुकानदार लाइसेंस रिन्यू या नया नहीं बनवाता तो फिर छापेमारी की जाएगी।
आय बढ़ाने के लिए ट्रेड लाइसेंस बनाने का निर्णय लिया गया है। इस पर हमारे कर्मचारी काम कर रहे हैं। कोई भी दुकानदार आकर इसके लिए आवेदन कर सकता है।
संजय यादव, सचिव नगर परिषद