इसे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की सफलता कहे या लोगों में आई जागरूकता। पहली बार भिवानी का लिंगानुपात 974 लड़कियां प्रति एक हजार लड़के हुआ है। यह लिंगानुपात अक्तूबर माह का है। पिछले तीन महीने से लिंगानुपात लगातार नौ के पार है। जिससे उम्मीद है कि वार्षिक रिपोर्ट में भी भी इस बार भारी सुधार होगा।
पिछले कुछ वर्षों में जिले का लिंगानुपात लगातार बिगड़ता जा रहा था। लिंगानुपात बिगड़कर प्रति एक हजार लड़कों पर महज 834 रह गया था। एक दफा तो यह 817 तक पहुंच गया था। पिछले दो वर्षों खासकर वर्ष 2016 में बिगड़े लिंगानुपात में खासा सुधार हुआ। सरकार ने भी बेटी बचाओ अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया। अब इसे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की सफलता कहे या लोगों में आई जागरूकता मगर जिले का लिंगानुपात अक्तूबर माह में बढ़कर 874 लड़कियां प्रति एक हजार लड़के हो गया है।
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पिछले तीन वर्षो का माह अनुसार लिंगानुपात
2014 2015 2016
जनवरी 824 845 847
फरवरी 812 864 878
मार्च 843 886 866
अप्रैल 848 882 829
मई 846 886 889
जून 832 873 885
जुलाई 833 866 890
अगस्त 814 861 927
सितंबर 813 860 900
अक्त्ूाबर 815 862 974
नवंबर 817 866 ---
दिसंबर 814 912 ---