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तीन अध्यादेशों के खिलाफ आढ़तियों ने किया प्रदर्शन

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नई अनाज मंडी में शुक्रवार को हरियाणा स्टेट एसोसिएशन (कच्चा आढ़ती) के आह्वान पर आढ़तियों ने काम का बहिष्कार कर हड़ताल कर दी। आढ़तियों ने किसान अध्यादेश के विरोध में सीएम के नाम मार्केट सचिव के माध्यम से मांग पत्र भी भेजा। अध्यादेश के विरोध में आए आढ़तियों ने कहा कि किसान और आढ़ती का चोली दामन का साथ हैं और पूरा साल आढ़ती और किसान के बीच फसल बिक्री के साथ साथ लेन-देन का कारोबार भी होता है। इसलिए नए अध्यादेश में किसानों को मंड़ियों से दूर रखने की साजिश रची जा रही है।
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आढ़तियों ने पूर्व प्रधान सुभाष की अध्यक्षता में स्टेट एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को मंडी में हड़ताल रखी। इस मौके पर ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष रामनिवास गुप्ता सिवानीवाला ने आढ़तियों के साथ मार्केट कमेटी सचिव को सीएम के नाम मांग पत्र भी सौंपा। सात सूत्रीय मांग पत्र में आढ़तियों ने अध्यादेश के विरोध में अपनी मांगे रखी। आढ़ती एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगे पूरी नहीं की तो आढ़ती अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। फिलहाल मंडियों में कपास की आवक शुरू हो चुकी है। ऐसे में किसानों के समर्थन में उतरे आढ़तियों की हड़ताल से मंडी के कामकाज पर भी बुरा असर पड़ेगा। एक अक्तूबर से ही बाजरा की भी सरकारी खरीद मंडियों में होगी। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान रामनिवास सिवानीवाला ने कहा कि किसान अध्यादेश के विरोध में पहले भी किसानों के साथ आढ़ती अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं, लेकिन सरकार की तरफ से कोई रुख स्पष्ट नहीं किया गया। उनका कहना है कि आढ़तियों के माध्यम से किसानों की फसल निर्धारित समर्थन मूल्य पर खरीद की जाए और पुरानी व्यवस्था पर ही सरकार मंडियों का संचालन करें।
आढ़तियों ने अपने मांग पत्र के माध्यम से भी सरकार को आढ़तियों की कई मांगे रखी, जिन्हें जल्द पूरा किए जाने की मांग उठाई गई। किसानों की हड़ताल की वजह से अपनी कपास की फसल मंडी में लेकर इक्का दुक्का किसानों को भी खासी परेशानी हुई। इस मौके पर लेखराज मुुंजाल, गीगराज, सतीश, चिराग, संदीप, बबलू, जयप्रकाश, अनिल सहित अनेक आढ़ती मौजूद रहे।
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