भिवानी में केंद्र सरकार के नोट बंदी के फैसले के चौथे दिन भी बैंकों के अंदर व बाहर अफरा-तफरी का माहौल रहा। तमाम दावों के बावजूद दूसरे दिन भी ज्यादातर एटीएम नहीं चले। तीन-चार चले, लेकिन कुछ ही समय में करेंसी खत्म हो गई। नतीजतन उपभोक्ताओं की जमकर मारामारी रही। एटीएम सेवा भी ठप होने से रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
सरकारी आदेशों के कारण शनिवार को बैंक खुलने से पहले ही उपभोक्ता कतारबद्ध नजर आए। एसबीआई, पीएनबी, ओरिएंटल, केनरा आदि बैंकों में कैश काउंटरों पर गहमागहमी रही। अधिकतर बैंकों में जल्दी एक्सचेंज करेंसी खत्म होने से उपभोक्ता निराश हुए। हालांकि कैश जमा करवाने के लिए शाम छह बजे तक लाइन लगी रही। एक ग्राहक ने बैंक के गार्ड पर धक्के मारने का आरोप भी लगाया है।
वहीं शहर के दो एटीएम को छोड़कर तमाम आउट ऑफ सर्विस रहे। घंटाघर स्थित एसबीआई व केनरा बैंक एटीएम के अलावा किसी एटीएम में कैश नहीं मिला। बैंकों-एटीएम के बाहर लंबी लाइन लगने से हर दस-पंद्रह मिनट में जाम की स्थिति बनी रही।
पेट्रोल पंप, रेलवे स्टेशन पर खपाए नोट
केंद्र सरकार के 14 नवंबर तक पेट्रोल पंप, बिजली-पानी भुगतान, रेलवे स्टेशन स्थानों पर पुरानी करेंसी प्रयोग करने के आदेशों का असर साफ दिखाई दिया। बैंकों में लंबी कतारों व घंटों इंतजार करने की बजाए उपभोक्ताओं ने बिजली-पानी बिल भुगतान किया। साथ ही पेट्रोल-पंपों पर भी 500-1000 रुपये के नोट लेकर पेट्रोल-डीजल डाला गया।
पोस्ट ऑफिस में उमड़ी भीड़
बैंकों व एटीएम के बाहर लंबी लाइनों के साथ ही पोस्ट ऑफिस में भी नोट बदलवाने व बचत बैंक खाता, पीएलआई आदि के माध्यम से करेंसी जमा करवाने के लिए उपभोक्ताओं की जमकर भीड़ उमड़ी। 500-1000 रुपये के नोट बदलवाने के लिए उपभोक्ता लाइनों में खड़े होकर थक गए, तो जमीन पर ही बैठकर ही इंतजार करते रहे।
पौने पांच बजे बैंक बंद, हैड ऑफिस में संपर्क करने पर जमा हुआ कैश
सरकार के रात को आठ बजे तक बैंकिंग सेवा देने के आदेशों के बावजूद कई बैंकों ने शाम पांच बजे ही उपभोक्ताओं के लिए नो एंट्री कर दी। इस कारण दो-दो घंटे से लाइन में लगे उपभोक्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ा। स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की अनाज मंडी ब्रांच में 04:45 बजे गेट अंदर से बंद करने पर बड़ी संख्या में उपभोक्ता निराश हुए। कैश जमा कराने आए पेट्रोल पंप संचालक तुलसीराम व अनिल ने बताया कि कई घंटे इंतजार किया। पौने पांच बजे एकाएक बैंक बंद कर दिया। इसके बाद उन्होंने बैंक रोहतक स्थित हैड ऑफिस में संपर्क किया। तब जाकर कैश जमा हुआ।