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अगले साल पूर्ण साक्षर हो जाएगा भिवानी

Fri, 17 Jun 2016 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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‌किताबें - फोटो : demo pic
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साक्षर भारत मिशन के अंतर्गत मार्च 2017 में प्रौढ़ साक्षरता परीक्षा के बाद जिले में कोई भी अनपढ़ नहीं रहेगा। आगामी वर्ष में भिवानी को पूर्ण साक्षर जिला होने का गौरव हासिल होगा। मिशन के तहत जिले के कुल एक लाख 45 हजार 426 लोगों को साक्षर करने का लक्ष्य है। इनमें से करीब 62 हजार लोगों ने साक्षरता परीक्षा पास  चुके है, तो अगस्त माह में होने वाली प्रौढ़ साक्षरता परीक्षा में करीब 40 हजार अनपढ़ लोगों को साक्षर करने का लक्ष्य रखा गया है। उपरांत बचे हुए लोगों को अगले वर्ष मार्च में पूर्ण साक्षर करने की तैयारी है।

मिशन के तहत जिले के दस विभिन्न खंड़ों के 461 गांवों में एडल्ट एजुकेशन सेंटर (एईसी) चलाए जा रहे है। गांव के सरकारी स्कूलों में बनाए गए केंद्रों पर प्रेरकों के माध्यम से अनपढ़ लोगों को शिक्षित किया जा रहा है। कक्षा तीसरी, पांचवी, आठवी स्तर पर साक्षरता परीक्षा में सफल होने पर नेशनल ओपन स्कूल की ओर से सर्टिफिकेट मिलता है।
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मिशन के जिला कार्डिनेटर राजेश कुमार ने बताया कि गांवों के एईसी सेंटर पर प्रेरकों द्वारा रोजाना छह घंटे अनपढ़ लोगों को अक्षर ज्ञान कराया जाता है। अगस्त माह में साक्षरता परीक्षा पास करने वालों की संख्या एक लाख से ज्यादा हो जाएगी। बाकी बचे हुए लोगों को मार्च 2017 की परीक्षा में पास करवाने का लक्ष्य रखा गया है। बहल के गांव लाडावास को जिला कमेटी की ओर से पूर्ण साक्षर गांव घोषित कर दिया गया है।

147 नए प्रेरकों की होगी नियुक्ति
मिशन कार्डिनेटर राजेश कुमार ने बताया कि कई गांवों में प्रेरकों की नियुक्ति की जानी है। 21 अगस्त को होने वाली प्रौढ़ साक्षरता परीक्षा में लक्ष्य प्राप्त करने के लिए 147 नए प्रेरकों की नियुक्ति की जाएगी। हर गांव में दो प्रेरक लगाए जा सकते है, इनमें से एक महिला व एक पुरूष की नियुक्ति हो सकती है।
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आठ महीनों से वेतन का इंतजार कर रहे प्रेरक
साक्षर भारत मिशन को पूरा करने के लिए लगाए गए प्रेरकों को पिछले आठ महीने से वेतन का इंतजार है। प्रौढ़ शिक्षा के मिशन को पूरा करना के लिए जिले के गांवों में लगे 775 प्रेरक बिना वेतन के ही अपना काम करने में लगे हुए है। गत सितंबर 2015 में उन्हे आखिरी बार वेतन मिला था। वो भी छह महीनों के लंबे अंतराल के उपरांत। मिशन कार्डिनिटेर राजेश ने बताया कि मई में सेकेंडरी एजुकेशन निदेशक के साथ हुई मीटिंग में प्रेरकों के वेतन को लेकर बातचीत हुई थी। निदेशक ने जुलाई के अंतिम सप्ताह तक वेतन मिलने का आश्वासन दिया है।
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