भिवानी में पिछले वर्ष डेंगू का कहर झेलने वाले जिले के लोग इस बार मलेरिया के डंक से त्रस्त हैं। बीते 15-20 दिन के दौरान मलेरिया का डंक इतना घातक हो चुका है कि हर रोज औसतन चार लोग मलेरिया पॉजिटिव सरकारी अस्पताल में पहुंच रहे हैं। सितंबर महीने के 17 दिनों में स्वास्थ्य विभाग 66 लोगों मलेरिया पॉजिटिव घोषित कर चुका है। इसमें प्राइवेट अस्पतालों का आंकड़ा शामिल नहीं है।
बुखार-वायरल के मामले भी कम नहीं हैं। वायरल, मलेरिया, डेंगू की जांच को लेकर रोजाना 120-130 मरीजों की ओपीडी लग रही है। डॉक्टर के सुझाव पर लगभग 40-45 मरीज सीबीसी, मलेरिया, आदि टेस्ट करवाने को लैब में पहुंच रहे है। जिला अस्पताल में मौसम जनित बीमारियों के कारण हर रोज ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ लगी रहती है। बरसाती मौसम से लेकर अब तक मलेरिया पीड़ितों की तादाद बढ़ती जा रही है। विगत ढाई-तीन महीनों के दौरान 170 मलेरिया पॉजीटिव सामने आ चुके हैं। अगस्त माह में 76 व सितंबर के 17 दिन में 66 मलेरिया पॉजिटिव सामने आने से हालात की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। खासकर जुलाई, अगस्त व सितंबर माह के दौरान 171 मरीजों की स्लाइड टेस्ट में मलेरिया पॉजिटिव पाया गया। जबकि पिछले वर्ष के दौरान कुल 140 मरीजों को मलेरिया की शिकायत थी।
डेंगू, चिकनगुनिया का प्रकोप जीरो
पिछले वर्ष अस्पताल प्रशासन व जिलावासियों के लिए परेशानी बना डेंगू का प्रकोप इस बार जीरो रहा। सितंबर माह तक हुए डेंगू के सभी 81 टेस्ट नेगेटिव पाए गए। वहीं चिकनगुनिया का सितंबर माह में आया एक मात्र केस भी निगेटिव रहा। गौरतलब है कि पिछले वर्ष सितंबर माह में डेंगू के टेस्ट लैब शुरू करने के बाद जिले में कुल 3220 मरीजों के सैंपल लिए गए थे। इनमें से 601 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई थी। लेकिन इस बार पहले से स्वास्थ्य विभाग ने पूरी सतर्कता बरत रहा है। लगातार स्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद की टीमें फॉगिंग कर रही है। लोगों को घर में पानी की टंकी, कूलर आदि में ज्यादा दिन में पानी जमा न रखने, मच्छर का लारवा आदि की जांच में जुटी में है। डेंगू के इलाज के लिए विशैष तौर पर वार्ड नौ में कमरा तैयार कर रखा है।
मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया बीमारियों का लेकर विभाग पूरी तरह सचेत है। अभी तक डेंगू व चिकनगुनिया को लेकर सभी टेस्ट निगेटिव आए। मलेरिया पॉजिटिव पाए जाने पर 14 दिनों के कोर्स से मरीज का इलाज किया जा रहा है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार फॉगिंग करने, लोगों को पानी जमा न होने देने आदि को लेकर जागरूक कर रही है।
डा. यतिन गुप्ता, उप-सिविल सर्जन, सामान्य अस्पताल
मलेरिया की रिपोर्ट
माह 2015 2016
जुलाई 24 29
अगस्त 13 76
सितंबर 68 66
टेस्ट रिपोर्ट के लिए दो-तीन दिन काट रहे चक्कर
जिला अस्पताल लैब में टेस्ट करवाने आ रहे मरीजों का परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहले टेस्ट कराने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, तो फिर बाद में रिपोर्ट को लेकर दो से तीन दिन का इंतजार। लैब में सीबीसी टेस्ट केवल सुबह 11 बजे तक किए जाने से मरीजों को ज्यादा दिक्कत आ रही है। वहीं मलेरिया का टेस्ट 2 बजे तक किया जा रहा है। सीनियर लैब असिस्टेंट डा. उर्मिल शर्मा ने बताया कि हर रोज 40-45 मरीजों के सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट) टेस्ट किए जा रहे है। एक-एक सैंपल को टेस्ट करने में काफी समय लगता है। इस लिए सुबह 11 बजे तक ही सैंपल लेकर शाम तक उनकी रिपोर्ट तैयार की जाती है।