रेल बजट में स्वीकृति मिलने के बाद भिवानी से लोहारू रेल मार्ग के सर्वे (प्लान) की फाइल अलमारी से बाहर आ गई है। इस योजना को जमीन पर लाने के लिए रेलवे अधिकारियों ने कागजी कार्रवाई पर काम शुरू कर दिया है। भिवानी-लोहारू के बीच इस रेल मार्ग पर एक स्टेशन होगा और चार गांवों में हॉल्ट स्टेशन होगा। स्टेशन जुई गांव में बनाया जाएगा।
राजस्थान के पास होकर भी रेलवे कनेक्टिविटी न होने का दंश झेल रहे जिले के लोगों की परेशानी की अब उलटी गिनती शुरू हो गई है। पिछले महीने पेश किए गए रेल बजट में भिवानी-चूरू वाया लोहारू इस रेल मार्ग के करीब 618 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। यह रेल मार्ग 136 किलोमीटर लंबा होगा। इस मार्ग के बन जाने के बाद भिवानी का राजस्थान से सीधा संपर्क हो जाएगा। इस मार्ग के बनने जाने के बाद व्यापार व तरक्की के नए मार्ग खुलने के उम्मीद है।
रेलवे मामलों के एक्सपर्ट बताते हैं कि बेशक बजट की स्वीकृति मिल गई हो, इसके बावजूद भी इस प्रोजेक्ट पर चार से पांच वर्ष लग सकते हैं। सबसे पहले यह तय होगा कि इस प्रोजेक्ट को किस एजेंसी से कराया जाए। एजेंसी फाइनल होने के बाद टेंडर होंगे। टेंडर प्रक्रिया के बाद इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो पाएगा।
प्रस्तावित भिवानी-लोहारू रेलमार्ग का पहला ठहराव लोहानी गांव में होगा। भिवानी रेलवे स्टेशन से 14 किलोमीटर 930 मीटर स्थित लोहानी गांव में हॉल्ट बनेगा। यानी एक लाइन और प्लेटफार्म बनाया जाएगा। 28 किलोमीटर 530 मीटर स्थित जुई गांव में स्टेशन बनेगा। जुई में प्लेटफार्म के अलावा तीन लाइन डाली जाएंगी। जुई के बाद कुड़ल, ढिगावा जाटान व सिंघानी में ठहराव होगा। कुड़ल में 36.330 किलोमीटर, ढिगावा जाटान में 41.330 किलोमीटर और सिंघानी गांव में 47.830 किलोमीटर पर हॉल्ट स्टेशन बनाने की योजना है। भिवानी से लोहारू स्टेशन की दूरी 58 किलोमीटर 830 मीटर होगी।
भिवानी-चूरू वाया लोहारू रेल मार्ग के लिए बजट की स्वीकृति मिलने के बाद यह प्रोजेक्ट प्रोसेस में आ गया है। अब जल्द ही चरणबद्ध तरीके से काम शुरू हो जाएगा।
पीआर कुमावत, पीआरओ, रेलवे विभाग