जिला जेल के पीछे गुजरानी माइनर शनिवार सुबह पांच बजे टूट गई। जिससे साथ लगती करीब तीन सौ एकड़ फसल जलमग्न हो गई। बताया जाता है कि डेढ़ सौ एकड़ में गेहूं की फसल तो पूरी तरह बर्बाद हो गई। फिलहाल सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने नहर को पाट दिया है और खेतों से पानी निकालने की तैयारी की जा रही है। नहर टूटने की सूचना पर एसडीएम भी मौके पर पहुंचे और नुकसान का सर्वे करवाने की बात कही।
शनिवार सुबह करीब पांच बजे जिला जेल और शिक्षा बोर्ड के पिछले हिस्से में गुजरानी माइनर टूट गई। किसानों ने भी सुबह छह बजे देखा। तब तक आसपास के खेतों में काफी पानी भर चुका था। जिसके बाद इसकी सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी। नहर में पानी तेज होने के कारण तेजी से सारा पानी खेतों में फैल गया। करीब तीन सौ एकड़ खेतों में पानी ही पानी नजर आ रहा था। खेतों में पानी भरने से गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ। सूचना मिलने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे और कटाव बंद करने के प्रयास शुरू किए। सुबह करीब साढ़े 10 बजे ही नहर का टूटा हुआ हिस्सा भरा जा सका। एसडीएम सतपाल सिंह भी मौके पर पहुंचे। जहां किसानों ने उनसे गुहार लगाई। एसडीएम ने पानी निकलवाने और नुकसान का सर्वे करवाने का आश्वासन दिया।
ओलो से तो थोड़ी बहुत फसल बची मगर अब तो सब खत्म
ओलावृष्टि ने फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। इसके बाद भी इतनी उम्मीद थी कि खर्चा निकालने लायक फसल बच जाएगी। मगर नहर टूटने से तो वे उम्मीदें भी खत्म हो गई। यह कहना है पीड़ित किसान कुलदीप, मुकेश, राजेश का। मुकेश ने बताया कि उसके 10 एकड़, राजेश के पांच एकड़, ओमा 20 एकड़, राजेश के 35, कुलदीप की 10 एकड़, झोटा फार्म के करीब 50 एकड़, जेल के करीब 50 एकड़, दिनेश पंडित के करीब 50 एकड़, मिल्क प्लांट के करीब 50 एकड़ जमीन है। जिसमें नुकसान हुआ है।
तेज बहाव के कारण नहर टूटी है। खेतों में पानी भरा है। अब नहर का टूटा हिस्सा ठीक कर दिया गया है और रविवार सुबह चार मोटरें लगाकर खेतों से पानी निकाला जाएगा। नुकसान का सर्वे करवाया जाएगा।
डीके चेरवाल, एक्सईएन, सिंचाई विभाग