जाट आरक्षण व अन्य मांगों को लेकर धनाना प्रथम में धरनारत आंदोलनकारियों ने नारेबाजी कर रोष जताया। जाट नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली भी रवाना हुआ जबकि जाट नेताओं ने आसपास के गांवों में रविवार की महापंचायत के लिए जनसंपर्क अभियान चलाकर न्यौता दिया। रविवार को होने वाली महापंचायत में अहम निर्णय लिए जा सकते है। धरने में धनाना व आसपास के 12 गांवों के लोग तो शामिल होंगे ही कुछ अन्य गांवों से भी लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। समिति के पदाधिकारी, प्रदेश की विभिन्न खापों के पदाधिकारी भी शिरकत करेंगे।
शनिवार को धरना ओम सिवाड़ा की अध्यक्षता में जारी रहा। रविवार को होने वाली महापंचायत में इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला के भी शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। महापंचायत के लिए जाट नेताओं ने जाट बिरादरी के अलावा अन्य बिरादरी के लोगों को भी न्यौता दिया और महिलाओं से भी अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया।
ये रहेंगी महापंचायत में व्यवस्था
गांव धनाना के धरना स्थल पर आयोजित होने वाली महापंचायत में करीब नौ हजार लोगों के बैठने के लिए टैंट की सुविधा की गई है। महिलाओं के लिए अलग से बैठने का प्रबंध किया गया है। अनिल धनाना ने बताया कि रैली की वजह से किसी आने-जाने व अन्य किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए 100 युवाओं की ड्यूटी लगाई गई है।
धरना बढ़ाने के एलान के बाद प्रशासन ने बढ़ाई मुस्तैदी
चरखी दादरी में जाट आरक्षण संघर्ष समिति का धरना जारी है। प्रशासन की ओर से भी कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर व्यापक प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए जा रहे हैं।
धरने पर बैठे जाट आरक्षण संघर्ष समिति प्रदेश महासचिव विजय शास्त्री ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती उनका धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत में अब खोट आ गया है। आंदोलन के दौरान किए गए अपने वायदे से सरकार मुकर रही है। निर्दोष लोगों को जेल में बंद कर रखा है। अब सरकार दोहरी नीति खेल रही है। जाट नेताओं की सरकार के साथ बातचीत विफल होने पर प्रशासनिक अमला अलर्ट हो गया है। पुलिस के अलावा सीआरपीएफ के जवान भी सक्रिय हो गए हैं। हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रमुख नाकों पर पुलिस की लगातार तैनाती बनी हुई है। धरना स्थल का पुलिस फोर्स की ओर से दोनो ओर से घेराव बना हुआ है। महेंद्रगढ़ चुंगी से लेकर लोहारू चौक तक धरना स्थल को फोर्स ने कवर रखा है।