सावधान! इनवर्टर से डिस्कनेक्ट किए बगैर बैटरी में पानी डालना जानलेवा हो सकता है। शहर की मस्तों की गली के रहने वाले 28 साल के युवा विकास की यह भूल परिवार को गम व आंसुओं में डूबो गई। इनवर्टर से कनेक्शन अलग किए बिना बैटरी में पानी डालने की भूल की तो विकास को जान गंवानी पड़ी।
यह दर्दनाक हादसा बुधवार सुबह सवा नौ बजे के करीब हुआ। चरखी दादरी में कपड़े की दुकान पर सेल्समैन की नौकरी करने वाले विकास का घर में लगा इनवर्टर ठीक से काम नहीं कर रहा था। चेक किया तो बैटरी में पानी कम लगा। विकास बैटरी में पानी डालने लगा, लेकिन अज्ञानतावश इनवर्टर से बैटरी को डिस्कनेक्ट करना भूल गया। विकास के चचेरे भाई शंकर ने बताया कि करंट के तेज झटके के साथ विकास बेहोश हो गया। उसे तुरंत जिला अस्पताल लाया गया। लेकिन, इलाज आरंभ होने से पहले ही विकास ने दम तोड़ दिया। शंकर ने बताया कि विकास ने पहली बार बैटरी में पानी डाला था, उसे जानकारी नहीं थी कि बैटरी को इनवर्टर से डिस्कनेक्ट किया जाना जरूरी है। अविवाहित विकास की मौत की खबर के बाद पूरे मोहल्ले में मातम पसर गया। विकास के पिता श्यामलाल एक फैक्टरी में नौकरी करते हैं।
दस दिन पहले लकवे का शिकार हुआ छोटा भाई
पिछले दस दिन के भीतर श्यामलाल के परिवार पर दूसरी बार दुखों का पहाड़ टूटा। शंकर ने बताया कि करीब दस दिन पहले विकास के छोटे भाई (23) एकाएक बीमार हो गया। हिसार के निजी अस्पताल में इलाज कराया, लेकिन उसे लकवा लग गया। आज विकास की असामयिक मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।
बैटरी का सभी सिस्टम से कनेक्शन हटाना जरूरी
बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर नारायण प्रकाश का कहना है कि अमूमन ज्यादातर लोगों को इस बात की जानकारी नहीं होती कि पानी डालने से पहले बैटरी से जुड़े सभी उपकरणों का कनेक्शन हटाना बेहद जरूरी है। इस भूल का खामियाजा जान देकर भी चूकाना पड़ सकता है। यदि संभव हो तो बैटरी में पानी किसी एक्सपर्ट से ही डलवाएं। करंट से जुड़े हादसों से बचना है तो पूरे घर की वायरिंग तांबे के तार से अर्थ की जानी जरूरी है। टू कोट के बजाय थ्री कोट तारों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। थ्री पिन प्लग की तीसरी पिन का अर्थ किया जाना आवश्यक है। यह करंट जैसे हादसों से बचाता है।