साहब, एक साल हो गया भैंस की डेयरी के लिए लोन लेना था। आफिसों के चक्कर काट-काट कर थक गया हूं, मगर अब तक लोन नहीं मिला। यह शिकायत गांव हड़ौदा कला वासी डालूराम ने रखी। बैंक अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष जो लक्ष्य निर्धारित किया था वह पूरा हो गया है। काफी केस पेंडिंग हैं। अब पशुपालन विभाग दोबारा केस भेजे तो इस साल लोन मिल सकता है। इस पर पशुपालन विभाग के अधिकारी ने बैंक की तरफ से अनुमति देने की बात कही। मंत्री और उपायुक्त ने कहा कि अब सब्सिडी के साथ लोन कैसे मिल सकता है। दोनों विभाग के अधिकारी आपस में उलझे रहे। इस पर उपायुक्त भी तैश में आ गए और कृषि विभाग के अधिकारी को फटकारते हुए कहा कि हिंदी में समझ नहीं आ रही क्या। डालूराम को सब्सिडी पर लोन देने की व्यवस्था की जाए। वीरवार को कष्ट निवारण समिति की बैठक में सहकारिता एवं कृषि राज्य मंत्री बिक्रम सिंह ने लोगों की समस्याएं सुनी। बैठक में शास्त्री नगर के लोगों ने कहा कि मंत्री जी, तीन साल से शास्त्री नगर से कृष्णा कॉलोनी, रेलवे फाटक, जूई नहर तक स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। लूटपाट की घटनाएं हो रही हैं। नप अधिकारी कह रहे हैं कि बजट नहीं है। इसके जवाब में नप सचिव ने बताया कि 30 में से पांच स्ट्रीट लाइटें ठीक करवा दी हैं। बाकी को भी जल्द बदला जाएगा। फिलहाल बजट की कमी है। मंत्री ने डीसी से इस बारे में संज्ञान लेकर खराब स्ट्रीट लाइटें लगवाने के निर्देश दिए। इस कार्य में लापरवाही बरतने के कारण दो जेई के ट्रांसफर के निर्देश भी दिए गए।
तोड़ी गई सीसी सड़क बनाए पब्लिक हेल्थ
गांव गोपालवास के ग्रामीणों ने शिकायत की कि पेयजल लाइन के लिए नई बनी सड़क को तोड़ दिया गया। एक जगह मशीन से खुदाई की बजाए जेसीबी से पूरी सड़क को उखाड़ दिया गया। अब चूंकि सड़क पहले बन चुकी है इसलिए इसे प्लान में भी शामिल नहीं करवाया जा सकता है और न ही बजट मिल सकता है। ग्रामीणों की शिकायत पर सहकारिता मंत्री ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता को इस सड़क निर्माण करवाने के निर्देश दिए।
मंत्री जी, जेई फोन कोनी ठावे, पानी आवे कोनी
जेई पेयजल सप्लाई में भेदभाव कर रहा है। गांव में एससी वर्ग की लाइन सबसे बड़ी है और तीन पाने पड़ते है। मगर सप्लाई महज 10 मिनट दी जाती है। लोगों को पानी नहीं मिल रहा। यह शिकायत चिड़िया गांव के ग्रामीणों ने की। ग्रामीणों की शिकायत पर बाढड़ा विधायक सुखविंद्र मांढी ने कहा कि उक्त जेई उसका ही फोन नहीं उठाता, फिर आमजन का क्या उठाएगा। इससे खफा सहकारिता मंत्री ने ऐसे जेई के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। गांव आदमपुर डाढ़ी के सरपंच ने शिकायत रखी कि बिजली वितरण निगम के एक जेई के कारण विद्युत आपूर्ति की समस्या बनी हुई है। राज्यमंत्री ने बिजली व जनस्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को दोनों जेई के कार्य क्षेत्र तुरंत प्रभाव से बदलने के निर्देश दिए।
छह महीने पहले जला ट्रांसफार्मर, अब तक नहीं बदला
गांव बडेसरा के ग्रामीण सतबीर, दिलबाग, दलबीर सिंह ने शिकायत रखी कि बिजली वितरण निगम ने करीब छह महीने पहले जले हुए ट्रांसफार्मर को आज तक नही बदला और उसके स्थान पर किसी दूसरे ट्रांसफार्मर से कुछ दिन पहले विद्युत आपूर्ति शुरू की है। निगम के एक्सईन संजय रंगा ने इस समस्या के पीछे ग्रामीणों का आपसी विवाद बताया। ग्रामीणों ने अध्यक्ष से मांग रखी कि उनके पाने में ही नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए। सहकारिता मंत्री बिक्रम सिंह यादव ने एक सप्ताह में गांव में नया ट्रांसफार्मर लगवाने के निर्देश दिए।
गांव में खूब हो रही शराब की अवैध बिक्री
खरक खुर्द के सरपंच संदीप ने कहा कि मंत्री गांव में शराब की अवैध बिक्री खूब हो रही है। स्कूल के पास, मंदिर के पास खुलेआम शराब की अवैध बिक्री हो रही है। इस पर मंत्री ने आबकारी विभाग के अधिकारी को बुलाया तो उन्होंने भी माना कि शराब बेचने वालों के पास लाइसेंस नहीं। मंत्री ने तुरंत छापामारी कर इसे रोकने के निर्देश दिए। सरपंच संदीप ने बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग में अनुबंध पर लगे तीन कर्मचारियों को 10 महीने से वेतन नहीं मिला। जिससे पर अधिकारियों की क्लास लगाई।
साढ़े 38 फुट का रोड, रास्ता सिर्फ 18 फुट, उस पर भी जलभराव
सरूपगढ़ से इमलोटा जाने वाला रास्ता साढ़े 38 फुट चौड़ा है। अब मौके पर महज 18 फुट का ही रास्ता है। उस पर भी पानी भरा रहता है। जिस कारण आईटीआई के बच्चों को समस्या आ रही है। मंत्री बिक्रम सिंह ने एक सप्ताह में वहां पैमाइश करा अवैध कब्जे हटवाने, नाले का निर्माण करवाने और नाला नहीं बनने तक सड़क पर जमा पानी निकासी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। गांव सांगवान के ग्रामीणों ने बताया कि बिजलीघर के लिए 24 किले जमीन दी, फिर भी गांव में दो घंटे बिजली नहीं रहती। 12 महीने से ग्रामीण परेशान है। मंत्री ने बिजली अधिकारियों को अगली बैठक से पहले समाधान के निर्देश दिए।
परिवादियों की लगी कतार
बैठक के लिए 12 परिवादों का एजेंडा रखा गया। अन्य लोग आए तो 34 की पर्चियां बनाई गई। मगर पर्चियों से पहले ही अव्यवस्था हुई और करीब 55 से 60 लोगों ने शिकायतें रखी। शिकायतें सुनकर मंत्री जी भी परेशान हो गए और वहां मौजूद अधिकारियों को इस बारे में आगे से व्यवस्था बनाने की हिदायत दी। करीब 25 से 30 लोग तो ऐसे रहे जिनकी सिर्फ शिकायत लेकर रख ली गई।
कष्ट निवारण समिति की बैठक की बैठक में 12 तय परिवादों के अलावा करीब 45 लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। बैठक में अनेक परिवादों पर अधिकारियों की क्लास लगी तो अधिकतर केसों के निपटाने के लिए 15 से 25 दिन का समय दिया गया। अधिकतर शिकायतें स्ट्रीट लाइटों, पेयजल और बिजली समस्या की रही। बैठक में विधायक बिशंबर वाल्मीकि, जिला परिषद चेयरमैन रमेश ओला, एडीसी धीरेंद्र खड़गटा, एसीयूटी प्रशांत पंवार, नगराधीश महेश कुमार, एएसपी फूल कुमार, सभी एडीएम, विजय शेखावत, राजवती काजला आदि मौजूद रहे।