अस्पताल के जीर्णोद्धार पर करीब 16 करोड़ रुपये खर्च दिए गए लेकिन व्यवस्था में कोई खास सुधार नहीं हुआ। अब अस्पताल प्रशासन ने ढांचागत व्यवस्था को सुधारने के लिए दो करोड़ का प्लान तैयार किया है।
कायाकल्प स्किम के तहत अस्पताल प्लान तैयार किया गया है। प्रपोजल को उच्च अधिकारियों के पास भेजा गया है। अब बजट का इंतजार है। अगले एक माह में इस पर काम शुरू होने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने के लिए कायाकल्प स्किम शुरू की है। स्कीम के तहत अस्पताल को बेहतर बनाने, एंटी इंफेक्शन के साथ प्राइवेट अस्पतालों की तर्ज पर आकर्षक बनाने, सभी बेहतर सुविधाएं देने की योजना है।
इसके लिए सभी अस्पतालों को जरूरी चीजों के लिए अस्टिमेट बनाकर भेजने के निर्देश दिए। इसी प्लान के तहत सामान्य अस्पताल प्रशासन ने भी बजट की डिमांड की। अब अलग अलग जरूरतों के अनुसार बजट बनाकर भेजा गया है। करीब दो करोड़ का बजट बनाकर भेजा गया है।
उच्च अधिकारियों ने भी बजट मंजूरी के संकेत दिए है और उम्मीद है कि जल्द ही अस्पताल को बेहतर बनाने के लिए बजट आएगा।
नई व्यवस्था के तहत अस्पताल परिसर को स्वच्छ, सुंदर बनाने का प्लान है। इसके तहत न केवल अस्पताल में पेंट करवाया जाएगा बल्कि मरीजों को बेहतर सुविधा के लिए सभी पंखे, वाटर कूलर ठीक कराना।
व्हीकल चेयर, स्ट्रेचर, ऑक्सीजन गैस सिलेंडर ट्राली आदि की व्यवस्था करना। आकर्षक बनाने के लिए बेहतर गार्डन बनाना, पेड़-पौधे लगाना, अस्पताल परिसर की खस्ताहाल सड़कों को ठीक कराना, शौचालयों की हालत सुधारना आदि शामिल है।
ये है प्लानिंग
* अस्पताल प्रशासन ने अस्पताल का शानदान लाइट के साथ नया गेट बनाने का प्लान बनाया है।
* अस्पताल की अंदरूनी सड़क व्यवस्था, अस्पताल परिसर, मैनहॉल में सुधार
* पूरे अस्पताल में पेंट, छतों की रिपेयरिंग, दीवारों की रिपेयरिंग, चैनल गेट की रिपेटयरिंग, कांच के टूटे शीशे ठीक कराने, शौचालय ठीक कराने
* ट्री गार्ड के साथ अस्पताल परिसर में आकर्षक गार्डन बनाना व पौधे लगाना
* पूरे अस्पताल, वार्ड, ओपीडी, ऑफिस, नर्सिंग स्कूल की बिजली की तारों केा बदलवाना, पंखे व लाइट ठीक करवाना, ओपीडी में एग्जॉस्ट फैन लगवाना
* वार्ड उपकरण: व्हील चेयर, स्ट्रेचर, ट्राली, ऑक्सीजन ट्राली की व्यवस्था करना
* अस्पताल परिसर में आरओ सिस्टम लगाना, वाटर कूलर रिपेयरिंग
* इमरजेंसी व ओपीडी में एसी की व्यवस्था करना, खराब एसी ठीक करवाना
* सफाई के लिए वैक्यूम क्लीनर, मशीन आदि की व्यवस्था करना
* कुर्सी, मेज, कंप्यूटर सिस्टम व स्टेशनरी की व्यवस्था
* अस्पताल की सीवरेज सिस्टम ठीक कराना
एक माह में कायाकल्प बड़ी चुनौती
सामान्य अस्पताल प्रशासन कायाकल्प स्किम के तहत अस्पताल में बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए प्रयासरत है। स्वास्थ्य विभाग की स्किम है कि अस्पताल की हरेक व्यवस्था का विशेषज्ञ मूल्यांकन करेंगे और अंक देंगे।
सबसे ज्यादा अंक लेने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा। 70 फीसदी अंक हासिल करने वाला अस्पताल पास माना जाएगा।
16 करोड़ खर्च, फिर भी व्यवस्था बदहाल
सामान्य अस्पताल में वर्ष 2008-09 में 16 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। ओपीडी को सुधारने के अलावा अस्पताल में शौचालयों की व्यवस्था व अन्य व्यवस्थाएं सुधारी गई थी।
पेमेंट विवाद के चलते कंपनी काम पूरा किए बिना ही बीच में छोड़ गायब हो गई। आधी-अधूरी व्यवस्था ज्यादा परेशानी बनी और अब हाल पहले से भी बदहाल है। लगाई गई टायल टूट चुकी है।
रूफ सीलिंग तो एक-दो साल में ही टूट गई। अब अस्पताल प्रशासन अपने खर्च पर इन्हें ठीक करवा रहा है।
कायाकल्प स्किम के तहत अस्पताल में व्यवस्थाएं बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। करीब तीन हजार पौधे लगाए जाएंगे जिसके लिए वन विभाग को पत्र लिख चुके हैं।
अस्पताल की बिल्डिंग व अन्य व्यवस्थाएं सुधारने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। बजट की मंजूरी मिलने पर जीर्णोद्धार कार्य शुरू किया जाएगा।
डा. रघुवीर शांडिल्य, कार्यकारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी
सामान्य अस्पताल
अक्टूबर माह में कायाकल्प स्किम के तहत निरीक्षण होना है। उससे पहले अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल व्यवस्थाओं में सुधार की काफी जरूरत है।
बजट मंजूरी के लिए भेजा है। जल्द ही मंजूरी मिलने की आस है।
डा. नवीन कोकचा, क्वालिटी कंट्रोलर
स्वास्थ्य विभाग