अनाज मंडी में किसानों का पीला सोना खरीदने की तैयारी तो हो गई, मगर पीले सोने को बरसात से बचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई। मतलब इस बार भी किसानों का पीला सोना खुले आसमान में रहेगा और सुरक्षा सिर्फ तिरपाल से ही होगी। टीन शेड के नीचे 25 हजार क्विंटल गेहूं रखने की जगह है, जबकि खरीद 10 लाख क्विंटल से अधिक होने की उम्मीद है। ऐसे में आढ़तियों को तिरपाल और लकड़ी के कैरेट रखने के निर्देश दिए गए है। हालांकि मार्केट कमेटी अधिकारियों का दावा है कि उठान की बेहतर व्यवस्था बनाकर किसानों को किसी तरह की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
एक अप्रैल से गेहूं की खरीद का काम शुरू हो गया मगर पहले दिन न कोई गेहूं बेचने आया और न ही खरीद प्रक्रिया शुरू हो सकी। अधिकारियों की माने तो 10 अप्रैल तक ही खरीद शुरू हो पाएगी। मार्केट कमेटी अधिकारियों ने गेहूं खरीद की तैयारियां भी शुरू कर रखी है। बिजली-पानी के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। मगर हर बार की तरह इस बार भी किसानों के पीले सोने की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए है। आढ़तियों को ही तिरपाल और लकड़ी के कैरेट रखने के निर्देश दिए गए है। हालांकि चार टीन शेड भी अनाजमंडी में है, जिसके नीचे करीब 25 हजार क्विंटल तक गेहूं रखा जा सकता है। मगर हर बार की तरह इस बार भी 10 लाख क्विंटल से अधिक गेहूं की खरीद होने का अनुमान है। गेहूं खरीद के लिए सरकारी रेट 1525 रुपये प्रति क्विंटल तय किए गए है।
अतिरिक्त नई अनाजमंडी में भी होगी खरीद
मार्केट कमेटी के पास नई अनाज मंडी भी है। जिसके अब तक विभिन्न खरीद एजेंसियों को किराये पर दिया जाता रहा है। मगर इस बार किराये पर नहीं देने का फैसला किया गया है। इस बार यहां भी गेहूं की खरीद होगी। ताकि अनाज मंडी में ज्यादा भीड़ न रहे। मगर यहां कोई टीन शेड नहीं है। ऐसे में यहां भी अनाज खुले आसमान के नीचे तिरपाल के भरोसे ही रहेगा।
गेहूं का उठान भी बनेगा परेशानी
हर बार अनाज मंडी में गेहूं का समय पर उठान नहीं होना परेशानी रहता है। इस बार मार्केट कमेटी ने अतिरिक्त नई अनाज मंडी में भी खरीद करने का निर्णय लिया है। ऐसे में विभिन्न खरीद एजेंसियों को यहां किराये पर जगह नहीं मिलेगी। खरीद एजेंसियों के पास स्टोरेज की व्यवस्था कम होने का सीधा मतलब है अनाज मंडी में उठान में देरी। हालांकि मार्केट कमेटी अधिकारियों का कहना है कि उठान समय पर हो इसके लिए बेहतर व्यवस्था बनाई जाएगी।
गेहूं खरीद की पूरी तैयारी कर ली है। बिजली-पानी की समुचित व्यवस्था है। सुरक्षा के लिए सभी आढ़तियों को तिरपाल और कैरेट रखने के निर्देश दिए गए है। अतिरिक्त नई अनाज मंडी में भी अनाज की खरीद होगी। वहां जगह किसी भी एजेंसी को किराये पर नहीं दी जाएगी।
राज कुमार गोयल, मंडी सुपरवाइजर