अंतरराष्ट्रीय पहलवान गीता फोगाट की शादी के बाद छोटी बहनों को जहां मिनी कोच की कमी खलेगी तो गीता को भी बहनों के साथ महाबीर अखाड़े व घर में बिताए मस्ती के दिन खूब याद आएंगे। राष्ट्रीय कैंप की व्यस्तता के चलते गीता, बबीता व विनेश चार माह घर पर रहकर छोटी बहनों के साथ महाबीर अखाड़े में अभ्यास के साथ-साथ जमकर मस्ती भी करती थी। अपने पिता व लाइफ टाइम द्रोणाचार्य अवार्ड विजेता महाबीर पहलवान के अलावा गीता ने भी अपनी छोटी बहनों को दाव-पेच सिखाने के लिए खूब पसीना बहाया है। गीता के ससुराल जाने के बाद बड़ी होने के नाते वो जिम्मेदारी बबीता अपने कंधों पर लेगी। अमर उजाला से बातचीत में गीता ने बताया कि शादी के बाद उसे बेड पर बैठे-बैठे छोटी बहनों द्वारा खाना देने के पल बहुत याद आएंगे।
ओलंपियन खिलाड़ी गीता फोगाट 20 नवंबर को सोनीपत के पहलवान पवन कुमार के साथ परिणय-सूत्र में बंधने जा रही है। विवाह की तैयारियां जोरों पर है। कॉमनवेल्थ गेम्स मेडल विजेता गीता फोगाट की छोटी बबीता व वर्ल्ड चैंपियन रीतू फोगाट को मैट पर अपनी सीनियर एवं मिनी कोच गीता फोगाट की कमी खलने की चिंता अभी से सताने लगी है। गीता, बबीता व रीतू गांव बलाली स्थित अखाड़े में एक साथ कुश्ती का अभ्यास करती रही हैं। गीता-बबीता के पिता एवं कोच महावीर सिंह से पहलवानी के गुर सीखकर ही तीनों बहनें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंची हैं।
महाबीर अखाड़े में सहजता से सिखाती थी गीता बहनों को दांव-पेंच
गीता की छोटी बहन बबीता का मानना है कि बड़ी बहन की शादी के बाद उसे व रीतु को कुश्ती के वे गुर व दाव-पेच सीखने को नहीं मिलेंगे जो अभ्यास के दौरान गीता उन्हें सहजता से सिखा देती थी। बबीता का मानना है कि बहुत से दावपेच ऐसे हैं जो पिता महावीर सिंह नहीं सिखा पाते थे लेकिन गीता नि:संकोच उनका अभ्यास एवं ज्ञान करा देती थी। इसी प्रकार ओलंपियन पहलवान रीतू फौगाट का भी यही मानना है कि बड़ी बहन गीता की शादी के बाद मैट पर उन्हें काफी दिनों तक गीता द्वारा सिखाए दाव-पेच याद आएंगे। वहीं, गीता फोगाट का कहना है कि साल में चार माह जब घर आकर इकट्ठे रहते थे तो खूब मस्ती करते थे। शादी के बाद इन दिनों की यादें ही मेरे साथ होगी।