24 नवंबर को लड़के की शादी है। शादी की तैयारियां करने की बजाय मैं सुबह से बैंकों के चक्कर काट रहा हूं। सोचा था, ढाई लाख रुपये मिलेंगे, लेकिन घंटों लाइन में लगने के बाद केवल 2000 रुपये मिले। बैंक वालों ने कल बुलाया है। देखते हैं क्या रास्ता निकलता है।
यह परेशानी है केवल एक-अकेले बापोड़ा गांव के राजेंद्र कुमार की नहीं, बल्कि सैकड़ों उन लोगों की है, जिनके यहां आने वाले दिनों में वैवाहिक कार्यक्रम होने हैं। केंद्र सरकार की घोषणा के बाद शुक्रवार को शादी का कार्ड हाथ में लेकर राजेंद्र कुमार इस उम्मीद में शहर आए थे कि ढाई लाख रुपये मिल जाएंगे। पीएनबी मेन ब्रांच में लाइन में लगने के बाद राजेंद्र को केवल दो हजार रुपये मिले। बाद में अधिकारियों से मिला तो कल आने को कहा है।
शादी वास्ते कैश चाहने वाले लोग शुक्रवार को बैंकों पर डेरा डाले रहे। जिलेभर से सवा सौ के लगभग ऐसे लोगों की एप्लीकेशन बैंकों को मिली। लेकिन, कैश के अभाव में ज्यादातर को निराश लौटना पड़ा। जिनको कैश मिला, उनको पूरा ढाई लाख नहीं मिला।
शगुन के लिए बनवाया 51 हजार का ड्राफ्ट
जाटू लोहारी गांव के एक शख्स को परसों बेटी का लग्र लेकर जाना है। कैश की किल्लत से परेशान यह व्यक्ति लीड बैंक मैनेजर कुलजीत सिंह के पास पहुंचा। मैनेजर से ड्राफ्ट बनवाने का आइडिया दिया तो ग्रामीण ने खुशी-खुशी हां कर दी। वह व्यक्ति अब टीके का शगुन ड्राफ्ट के रूप में देगा। लीड बैंक मैनेजर ने बताया कि इन हालात में चेक व ड्राफ्ट एक अच्छा रास्ता है।
कैश की किल्लत, सोमवार से राहत की आस
कैश की किल्लत शुक्रवार को और गहरा गई। शहर के ज्यादातर बैंकों का कैश लंच ब्रेक आते-आते खत्म हो गया। सबने दोपहर को गेट के बाहर 'कैश नहीं हैÓ के नोटिस चस्पाने पड़े। यही हाल एटीएम का रहा। जिले के 140 एटीएम में से ज्यादातर में कैश न होने की वजह से बंद रहे। बैंकों के बाहर लंबी-लंबी लाइन और धक्का-मुक्की का आलम रहा। सूत्र बताते हैं कि बैंकों को कैश मिलने में दिक्कत आ रही है। सोमवार से कुछ राहत की उम्मीद की जा सकती है।
बवानीखेड़ा में बंद रहे एटीएम
कस्बे के एटीएम बंद होने से आम लोगों की परेशानी ओर बढ़ गई। पंजाब नेशनल बैंक एटीएम, पटियाला बैंक एटीएम और एचडीएफसी एटीएम के शुक्रवार को बंद होने के कारण कस्बावासियों को काफ ी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं एटीएम नहीं खुलने से बैंकों में भी काफी भीड़ रही। बैंक में मौजूद ग्रामीण जगदीश, महेन्द्र राजपूत, टीटू सोनी, टोम, मनोज, विक्रम आदि ने बताया कि वे करीब चार घंटे से लाइन में लगे हुए हैं और कब तक बारी आयेगी ये कहा भी नहीं जा सकता है।
बहल में कैश खत्म, मायूस लौटे लोग
नोटबंदी के कारण बनी अव्यवस्था अब धीरे-धीरे पटरी पर आ रही है। कस्बे के बैंकों में कैश लेने वालों की भीड़ सुबह तो बनी लेकिन दोपहर होते होते छंट गई। पीएनबी तथा इलाहाबाद बैंक के एटीएम भी दिनभर चले तथा ग्राहकों को पैसे देते रहे। हालांकि, दोनों बैंकों में कैश विड्रॉल लिमिट 4 से 6 हजार रुपये के बीच रही। शादी या दूसरे किसी अन्य कार्यक्रम की फरियाद करने वालों को 10 से 15 हजार रुपये भी दिए गए। लेकिन, पंजाब नेशनल बैंक में उस समय थोड़ी दिक्कत आई जब करीब साढे तीन बजे कैश खत्म हो गया। इस कारण लाइन में लगे लोगों को मायूसी के साथ वापस लौटना पड़ा।
पीएनबी मैनेजर मंजीत महरान तथा इलाहाबाद बैंक मैनेजर अनूप कुमार ने बताया कि ऐसा रिजर्व बैंक की गाइडलाइन के अनुसार किया गया है।
बैंक में आने वालों के लिए फ्री टी स्टाल
बाढड़ा कस्बे के पीएनबी व एसबीआई बैंकों में आने वाले लोगों के लिए बीडीसी चेयरमैन भल्ले राम व प्रधान प्रदीप बाढड़ा ने फ्री चाय व पेयजल की सुविधा शुरु की है। भल्लेराम की अगुवाई में टी स्टाल लगा कर बैंक मे लाईनों में लगे लोगों को भल्ले राम व साथियों ने चाय व पेयजल वितरित किया। इस मौके पर प्रदीप बाढड़ा, पार्षद अनिल, सुभाष, विकास बाढड़ा, सुखबीर, जयवीर काकडौली, मंगल गोपी, सुनील बराला, राज गोठडा, महेंद्र व प्रदीप रूदडौल आदि ने लोगों को जलपान प्रदान करने में सहायता की।