इमरजेंसी में शुक्रवार दोपहर को एक व्यक्ति को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने जांच कर उसको मृत घोषित कर दिया। काफी देर तक शव इमरजेंसी में पड़े रहने के बाद कोई खोज खबर करने नहीं आया तो पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। पुलिस ने लावारिस समझकर शव को शवगृह में रखवा दिया। उधर मरीज के परिजन उसको पूरे अस्पताल में ढूंढते रहे। जब मरीज का कहीं कोई पता नहीं चला तो परिजन भी पुलिस चौकी पहुंचे। पुलिस ने शवगृह ले जाकर परिजनों को मृतक की शिनाख्त करवाई।
शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे की बात है। करीब 50 वर्षीय अधेड़ को गंभीर हालत में उपचार के लिए इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने जांच की तो उसकी मौत हो चुकी थी। तब तक अधेड़ को इमरजेंसी में लाने वाले लोग उसे छोड़कर जा चुके थे। डॉक्टर ने आसपास तलाश के बाद अस्पताल चौकी को मामले की जानकारी दी। चौकी पुलिस भी इमरजेंसी पहुंची। कुछ थानों में भी उनके क्षेत्र में कोई एक्सीडेंट होने की जानकारी ली। उधर मृतक के परिजन भी अस्पताल में मरीज को ढूंढते हुए चौकी पहुंचे। चौकी में मरीज के लापता होने की शिकायत लेकर आए लोगों को शव गृह में मृतक को दिखाया तो लोगों ने उसकी पहचान की। मृतक की पहचान कालूवास वासी दिलबाग के रूप में हुई। भाई प्यारेलाल ने बताया कि वह बीमार था, उसे इलाज के लिए लाए थे। पर्ची बनवाने के दौरान वह अस्पताल में इधर-उधर चले गए। कुछ लोगों ने बताया कि वह पेड़ के नीचे आकर सो गया था। गंभीर हालत में कुछ लोग उसे इमरजेंसी ले गए। मामले में अस्पताल चौकी से धर्मबीर सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान हो गई है। बीमारी से व्यक्ति की मौत हुई है। सुबह शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।