अश्लील ऑडियो में शिक्षक के साथ नाम आने पर आत्महत्या करने वाली छात्रा का शव परिजनों ने करीब 25 घंटे उठाया। दो भाइयों को डीसी रेट पर नौकरी, परिवार को आर्थिक मदद के अलावा आरोपियों को दो दिन में पकड़ने के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए। एडीसी ने धरनास्थल पर पहुंचकर परिजनों से बात की। इसके बाद छात्रा के शव को एंबुलेंस से गांव ले जाकर उसका अंतिम संस्कार किया गया। उधर पुलिस आरोपी शिक्षकों की धरपकड़ के लिए छापामारी कर रही है।
अश्लील ऑडियो में नाम आने के बाद 12वीं कक्षा की छात्रा ने बुधवार रात जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। वीरवार सुबह शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल लाया गया। मृतका के भाई की शिकायत पर पुलिस ने सरकारी स्कूल के चार शिक्षकों के खिलाफ अश्लील ऑडियो बनाकर छात्रा को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है। इस मामले में शिक्षा विभाग ने चारों आरोपी शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया है। शुक्रवार को सामान्य अस्पताल में ग्रामीणों और परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले शव उठाने से इनकार कर दिया था। इसमें ग्रामीणों ने परिजनों को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने, सरकारी नौकरी के साथ सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की थी। साथ ही ग्रामीणों और परिजनों ने डीसी से मौके पर आकर आश्वासन देने की भी बात रखी थी। इसी मांग को लेकर ग्रामीण रातभर अस्पताल परिसर में जमें रहे। इस दौरान कैंडल मार्च निकालकर भी रोष जताया था।
प्रशासन को दिया दो घंटे का अल्टीमेटम
शुक्रवार सुबह भारी संख्या में ग्रामीणों, परिजनों और अन्य लोगों ने अस्पताल परिसर में एकत्रित होकर जमकर नारेबाजी की। सुबह ग्रामीणों ने प्रशासन को दो घंटे का अल्टीमेटम देकर कहा कि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वे सड़क पर उतरने को मजबूर हो जाएंगे। सुबह करीब 11 बजे प्रशासन ने ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया। एडीसी ने आरोपी शिक्षकों को दो दिन में गिरफ्तार करने, परिवार के दो सदस्यों को डीसी रेट पर नौकरी देने और जितना संभव हो आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया। इसके बाद एडीसी ने धरनास्थल पर पहुंचकर परिजनों को लिखित में आश्वासन दिया। एडीसी के आश्वासन के बाद लोग शव उठाने को तैयार हुए। एंबुलेंस से शव को गांव ले जाया गया जहां गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया।
अश्लील फोटो, वीडियो के सहारे चल रहा था ब्लैकमेलिंग का खेल
शुक्रवार को धरने के दौरान कुछ अधिवक्ता और ग्रामीण मसले पर खुलकर बोले। ग्रामीणों और परिजनों ने बताया कि छात्रा को अश्लील फोटो और ऑडियो के सहारे ब्लैकमेल किया जा रहा था। लंबे समय से यह ब्लैकमेलिंग का खेल चल रहा था। इसी से आहत होकर छात्रा ने यह कदम उठाया।
धरने में उलझे लोग, हुई तीखी नोंक - झोंक
धरने के दौरान दो दफा लोग आपस में ही उलझने लगे। पहले एक अधिवक्ता द्वारा आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी, 50 लाख रुपये मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग रखी तो एक अन्य अधिवक्ता ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि अब तक ये कहां थे। अब डीसी से बातचीत हो चुकी है। दूसरी दफा डीसी को धरनास्थल पर बुलाने को लेकर धरने में लोगों में झगड़ा हुआ। तीखी नोंकझोंक हुई और बात हाथापाई तक पहुंच गई। गांव के मौजिज लोगों ने गुस्साए लोगों को शांत करवाया।
घटना दुखद है। आरोपी शिक्षकों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उन्हें सस्पेंड किया जा चुका है और जांच के आधार पर टर्मिनेट भी किया जा सकता है। दो परिजनों को डीसी रेट पर नौकरी दी जाएगी और अन्य सहयोग भी किया जाएगा।
धीरेंद्र खरगटा, एडीसी
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे है। दो टीमें आरोपियों को पकड़ने के प्रयास में जुटी है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
उदमी राम, एचएचओ, सदर थाना