करनाल से भाजपा सांसद व पंचनंद समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अश्विनी चोपड़ा ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी तो पूरी तरह से ठीक नहीं हुई, अब सांसद और विधायक भ्रष्टाचार की राह पर चलने लगे हैं। इस मसले पर सीएम से एक मीटिंग हो चुकी है और दूसरी जल्द करूंगा। इस बारे में वे पीएम को बताना चाहते हैं, लेकिन उनके पास टाइम नहीं है। उन्होंने ऐसे सांसद व विधायकों के नाम उजागर करने से इनकार कर दिया।
रविवार को यहां जगदीश पुत्री पाठशाला में पंजाबी जागृति मंच की ओर से आयोजित सम्मान समारोह के बाद मीडिया से बात करते हुए भाजपा सांसद ने भ्रष्टाचार के मसले पर ब्यूरोक्रेसी के साथ-साथ सांसद व विधायकों को भी लपेटा। ऐसे सांसद व विधायकों के नाम पूछे तो उन्होंने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वे क्यों बताएं। सांसद ने कहा कि यदि पंजाबी बिरादरी एकजुट होती तो रोहतक जैसी घटना नहीं होती। सांसद राजकुमार सैनी के चरखी दादरी में घुसने पर रोकने के खापों के फैसले के बारे में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का हक है। सैनी को आना चाहिए था और खापों को रोकना नहीं चाहिए था। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा की मुख्यमंत्री के बारे की गई टिप्पणी के बारे में उनसे पूछा तो कहा कि कांग्रेस के छोटे बच्चे की भाषा ठीक नहीं रही।
एकजुट रहे तो बना लेंगे दोबारा सीएम
सांसद ने पंजाबी समाज के लोगों से एकजुटता का आह्वान और कहा कि प्रदेश के पंजाबी अब ऐसी स्थिति में हैं कि अगर एकजुट रहे तो दोबारा सीएम बना पाएंगे। अगर पंजाबी एकजुट नहीं होंगे तो उनकी फिर से दुर्दशा होगी। एक समय था, जब 15-16 विधायक पंजाबी बिरादरी से थे, मगर अब एक भी मंत्री नहीं रहा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर एकजुट होते तो रोहतक में जो हुआ, ऐसा कभी नहीं होता।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कहरोड़ पक्का के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसी महतानी ने की और मंच संचालन दर्शन मिढ्डा ने किया। इस मौके पर पंचनन्द सेना के अध्यक्ष लवकेश टुटेजा व उपाध्यक्ष राम आहूजा, विद्यासागर बागला फतेहाबाद, गोपाल कृष्ण पोपली, आरके कटारिया, एमएल कटारिया, देवराज महत्ता, अविनाश सरदाना, ओपी नन्दवानी, नरेन्द्रजीत सिहं रावल, नरशेर ,सोहनलाल मक्कड़, विवेक चौधरी, कैलाश चौधरी, विशंभर अरोड़ा, डा. विरेंद्र चुघ, डा. गौरव अरोड़ा, डा. सुशील धमीजा, पूर्व चेयरपर्सन मीना अरोड़ा, सोमप्रकाश अरोड़ा आदि मौजूद रहे।
बुजुर्ग सम्मानित
पंजाबी जागृति मंच ने 80 वर्ष से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को सम्मानित किया। इनमें चंदाराम कटारिया, उनकी पत्नी व सोहनलाल पोपली व उनकी पत्नी के अलावा 65 बार रक्तदान करने वाले राजेश डूडेजा समेत अन्य शामिल थे।