चरखी दादरी में कैश किल्लत झेल रहे पीएनबी बैंक के खाताधारकों का सब्र शनिवार को कैश खत्म होने पर जवाब दे गया। करेंसी खत्म होने का तर्क पाकर गुस्साएं उपभोक्ता दादरी-लोहारू मुख्यमार्ग पर उतर आए और वाहनों के आगे लेट कर सड़क मार्ग को जाम कर दिया। साथ ही उपभोक्ताओं ने बैंक प्रबंधक पर कैश वितरण में मनमानी करने का आरोप जड़ते हुए नारेबाजी भी की। जाम की सूचना पाकर सिटी थाना प्रभारी अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे और खफा लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। इस दौरान करीब एक घंटे मुख्यमार्ग पर वाहनों को आवागमन पूर्णतया प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारियों की इस दौरान राहगीरों से तू-तड़ाक भी हुई। वहीं, बैंक प्रबंधन ने खाताधारकों की संख्या ज्यादा व पीछे से कैश कम आने का तर्क दिया है।
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हारू रोड स्थित पीएनबी बैंक की मुख्य शाखा में शनिवार दोपहर को कैश खत्म होने की बात सुनकर खाताधारक भड़क गए। पहले तो वो बैंक कर्मचारियों से उलझ पड़े और इसके बाद मुख्यमार्ग पर उतरकर अपना रोष प्रकट करने लगे। दोपहर करीब एक बजे जेब खाली होने का तर्क देते हुए खाताधारकों ने अपनी-अपनी समस्याएं एक-दूसरे से साझा की और फिर एक सुर में मुख्य सड़क मार्ग जाम करने का फैसला लिया। इसके बाद सभी एकत्र होकर दादरी-लोहारू मुख्यमार्ग पर उतर आए और सड़क के बीचों-बीच खड़े होकर वाहनों की आवाजाही रोक दी। इस दौरान जब चालक अपने-अपने वाहन वहां से निकालने का प्रयत्न करने लगे तो उनसे भी भीड़ गए। इसके बाद तो राहगीरों ने अपने वाहन रोकना ही मुनासिब समझा। जाम लगने के करीब पौने घंटे बाद सिटी थाना प्रभारी हितेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने खफा लोगों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। पहले तो खाताधारकों ने उनकी एक न सुनी और परेशानियों को दुखड़ा उनके सामने रो कर सड़क मार्ग से हटने से साफ इंकार कर दिया, लेकिन जब उन्होंने बैंक प्रबंधक से ठोस आश्वासन दिलाकर समस्या के समाधान का तर्क दिया तो फिर उपभोक्ताओं ने जाम खोलने पर सहमति जता दी। उनके मुख्यमार्ग से हटते ही पुलिस टीम ने पांच मिनट बाद ही यातायात व्यवस्था को बहाल करवा दिया। इस समस्या को लेकर सिटी थाना प्रभारी ने बैंक प्रबंधक से बातचीत भी की और खाताधारकों को बैंक प्रबंधन से समस्या के जल्द से जल्द समाधान का आश्वासन दिलाया।
40 हजार उपभोक्ताओं को प्रतिदिन मिल रहा महज पांच लाख कैश
पीएमबी मुख्य ब्रांच प्रबंधक आशा देसाई ने बताया कि उनकी ब्रांच में सबसे अधिक खाताधारक है। बैंक में करीब 40 हजार लोगों ने अपने खाते खुलवा रखे हैं। इन उपभोक्ताओं की जरूरत के हिसाब से वो अपनी डिमांड उच्चाधिकारियों को भेज चुके हैं, लेकिन बैंक में करेंसी जरूरत मुताबिक नहीं पहुंच पा रही है। शनिवार को बैंक में करीब साढ़े चार लाख की करेंसी आई थी और दो लाख रुपये शुक्रवार को बैंक परिसर में थे। दोपहर तक साढ़े छह लाख रुपये की करेंसी वितरित कर दी गई थी और इसके बाद ही कैश खत्म होने का तर्क दिया गया था।
कमेटी बनाने का भी दिया था खाताधारकों को बैंक प्रबंधन ने सुझाव
कैश किल्लत को देखते हुए बैंक प्रबंधन ने उपभोक्ताओं को कुछ दिन पहले एक कमेटी भी बनाने का सुझाव दिया था। बैंक प्रबंधन का तर्क है कि कमेटी बनाने के बाद कैश वितरण बारे सलाह-मशवरा किया जाता और जिस प्रक्रिया पर सभी की सहमति होती उसी तर्ज पर करेंसी का एक समान वितरण किया जाता। बैंक प्रबंधक ने बताया कि बैंक पहुंचने वाले खाताधारकों की जरूरत को देखते हुए करेंसी उन्हें थमाई जा रही है। बीमारी व शादी समारोह वाले को दस से 24 हजार रुपये की करेंसी भी वितरित की गई है। अगर अब भी खाताधारक एक कमेटी बना लें तो इस तरह की भविष्य में कोई समस्या नहीं आएगी।
एक समान कर रहे है वितरण
हमारे पास खाताधारक काफी ज्यादा है और इस लिहाज से जितना कैश हमारे पास आ रहा है उसका एक समान हम वितरण कर रहे हैं। इन खाताधारकों को कमेटी बनाने का सुझाव भी दिया गया था, लेकिन इस पर अमल नहीं किया। हमारा प्रयास है कि किसी को परेशानी न हो।
आशा देसाई, बैंक प्रबंधक पीएनबी
जाम की सूचना पाकर हम मौके पर पहुंच गए थे। खाताधारकों को समझा-बुझाकर जाम खुलवा दिया और यातायात व्यवस्था को सुचारू कर ही वापिस हमारी टीम लौटी।
हितेंद्र कुमार, सिटी थाना प्रभारी