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अनिश्चितकाल के लिए सोमवार से निजी स्कूल बंद

Sun, 08 May 2016 12:35 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला
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क्‍लास रूम
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गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में नि:शुल्क पढ़ाने के लिए बनाए गए नियम 134-ए के खिलाफ निजी स्कूल संचालकों ने सरकार के खिलाफ आरपार आंदोलन का ऐलान कर दिया है। सोमवार से सभी निजी स्कूल अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री व मंत्रियों के घेराव का भी निर्णय लिया गया है। फिर मांगे नहीं मानी तो परीक्षा के लिए कोई भी प्राइवेट स्कूल अपनी इमारत नहीं देगा। उधर, अभिभावक व बच्चों के पैरोकार संगठन ने स्कूलों की तालाबंदी के खिलाफ सोमवार को ही हाईकोर्ट में जाने का निर्णय लिया है।
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  शनिवार को यहां हैप्पी पब्लिक स्कूल में हुई प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन की जिला स्तरीय में बैठक में नौ मई से निजी स्कूल अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया। बैठक में निजी स्कूल संचालकों ने दो टूक कहा कि नियम 134-ए उन्हें मंजूर नहीं। एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव रामवतार शर्मा ने कहा कि आरटीई के लिए हम तैयार हैं, लेकिन 134 ए किसी भी सूरत में नहीं लगने देंगे। सरकार अधिकारियों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजे, फिर स्कूलों में सुधार आएगा। उन्होंने शिक्षा मंत्री को याद दिलाया कि चुनाव से पहले उन्होंने इस मसले पर निजी स्कूलों को राहत देने का वादा किया था। बैठक में सीबीएसई स्कूलों के संयोजक ओपी जोशी, करण मिर्ग, आकाश रहेजा, डॉ. डीपी कौशिक, दीपक शर्मा, पवन गोयल, शिवकुमार, निशा शर्मा समेत कई स्कूल संचालक शामिल हुए।

बाढड़ा व तोशाम में तालाबंदी की तैयारी पूरी
क्षेत्र के निजी स्कूल संचालकों ने सोमवार 9 मई से सभी विद्यालयों पर तालाबंदी पर विचार विमर्श कर आंदोलन को अंतिम रुप दिया गया। यह बात प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन हलकाध्यक्ष मा. मुन्नालाल शर्मा कादमा ने पत्रकारों को दी। उन्होंने कहा कि 9 मई सोमवार से क्षेत्र के सभी निजि विद्यालयों में अनिश्चितकालीन तालाबंदी शुरु की जाएगी जो सरकार को झूकने पर मजबूर कर देगी। इस मौके पर अमित जाखड़, सज्जनसिंह डांडमा, रोहताश मान, राजकुमार डोहका, सुनील सांगवान, राजेन्द्र बाढड़ा, राजेश जेवली, राकेश काकड़ौली, मुकेश डोहका, सचिव देवेन्द्र हड़ौदा, नरेन्द्र सांगवान, मांगेराम जाखड़, सत्यवान, राजबीर फौगाट आदि मौजूद थे।
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उधर, जिला भिवानी प्राइवेट स्कू्ल एशोसिएशन की मीटिंग गांव बापोड़ा स्थित आईपीएस वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रधान सज्जन डाडमा ने की। बैठक में सभी प्राईवेट स्कूलों को अनिश्चितकाल के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया। इस मौके पर नरेश जागड़ा, ईश्वर मालवाल, कैप्टन अनूप सिंह तंवर, बलवान सांगवान, प्रमोद फोगाट सहित अनेक मौजूद थे।

स्कूलों में तालाबंदी के खिलाफ सोमवार को कोर्ट जाने का एलान
भिवानी। गरीब बच्चों को एडमिशन देने में निजी स्कूलों की कथित मनमानी और अभिभावकों को गुमराह करने के विरोध में अभिभावकों की पैरोकार संगठनों ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन का निर्णय लिया है। 13 मई को मुख्यमंत्री के गृह नगर करनाल में धरना व प्रदर्शन का ऐलान किया है। साथ ही प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के खिलाफ कार्रवाई के लिए कोर्ट का सहारा लेने का भी फैसला लिया गया।
  शनिवार को श्रीराम कुंज में स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के बैनर तले हुई अभिभावकों की बैठक में आंदोलन का निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जन आंदोलन दो जमा पांच के संचालक सतबीर हुड्डा ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में निजी स्कूल मंत्री-विधायकों के हैं। इसीलिए, सरकार व उसके मंत्री गरीबों के हित में कम और निजी स्कूलों के पक्ष में अधिक दिखाई देती है। हुड्डा ने कहा कि नियम 134 ए को लेकर व संघर्षरत हैं, लेकिन सरकार सही फैसले नहीं ले पा रही है। इस मसले पर हम पहले प्रदेश के शिक्षा मंत्री रामबिलास व मुख्यमंत्री के निजी सचिव से मिलेेंगे। अगर फिर भी बात नहीं बनी तो 13 मई को करनाल में बड़ा विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर कर मुकदमे दर्ज कराएंगे।
  स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रधान बृजपाल परमार ने बताया कि निजी स्कूलों की तालाबंदी कानूनन गलत है। इसलिए, सोमवार को संगठन हाई कोर्ट में याचिका दायर करेगा। इसके अलावा एडमिशन से इनकार करने वाले स्कूलों व कार्रवाई न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अदालत में जाएंगे। बैठक में डा. एलएल बुंदेला , कामराज जींद, राकेश, वजीर, कुलदीप सिंह, कैलाश चंद पंचकूला, आशा गोयत जींद, श्रवण जांगडा जींद, शुभम गनगोरिया, भारत भूषण, गजानंद, किशन लाल, रमेश, भूपेंद्र कौशिक दादरी, आनन्द स्वरूप वर्मा दादरी, सुमित सोनीपत , योगेशा शर्मा आदि शामिल हुए।
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